सोशल ऑडिट में खुली भ्रष्टाचार की पोल, कागज पर चकरोड बना लाखो रुपये हड़पा

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

ग्राम प्रधान और सचिव ने निकाल लिया पैसा

जनपद के सुदूर पहाड़ी ग्राम पंचायतों में खूब फल फूल रहा भ्रष्टाचार

सोनभद्र। सूबे के मुख्यमंत्री विकास कार्य में जीरो टॉलरेंस का दम भरते हो लेकिन जनपद में विकास खण्ड नगवां के सुदूर पहाड़ी ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का खेल जोरों शोरों से चल रहा है। ग्राम पंचायत दरेव में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा चकरोड का निर्माण कार्य दिखाकर सरकारी धन गबन करने का मामला प्रकाश में आया है।


ग्रामीणों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा कोई चकरोड़ नहीं बनवाया गया है, जिस चकरोड के बने होने की बात हो रही है वह तो बहुत ही पुराना है। जिस पर जगह जगह खंडजा बिछाया गया है, इसी चकरोड पर ग्राम प्रधान द्वारा रपटा और सुरक्षा दिवाल का निर्माण करवाया गया है जहां पानी का बहाव है जबकी जहाँ सुरक्षा दीवार की आवश्यकता है वहाँ नहीं बनवाई गई है। जिससे कि बरसात में आयी बाढ़ ने चकरोड को बहा दिया है जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।


ग्रामीणों को इस मामले की जानकारी सोशल आडिट में पता चला कि जो काम ग्राम पंचायत में हुए ही नहीं है उनका भी नाम आडिट में बोला जा रहा है। सोशल आडिट में कुछ मीडिया के लोग भी मौजूद थे, जब मामले की जानकारी ग्रामीणों से जुटाई गई तो कई चौकाने वाले मामले सामने आए है।


वहां मौजूद ग्रामीणों से जब जानकारी ली गयी तो बताया गया कि सचिव  गांव में एक वर्ष में एक से दो बार आते होंगे तो कितने लोग पहचानेंगे। यह हाल नीति आयोग द्वारा चयनित अति पिछड़े जिले की कमोवेश यही हाल जनपद के अन्य सुदूर पहाड़ी ग्राम पंचायतों का होगा , जहां कार्य धरातल पर नहीं सिर्फ कागजों में दिखते होंगे। 

जनपद के सुदूर व पहाड़ी वाले गांवो का दौरा बगैर किसी बड़ी शिकायत के नही किया जाता जिससे कि इन क्षेत्रों में तैनात ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव व लेखपाल भ्रष्टाचार करने का भरपूर लाभ उठाते है। इस तरह ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव सरकारी योजनाओं कक पलीता लगाने में कोई कोर कसर नही छोड़ते है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जांच की मांग किया है।

Leave a Comment

1504
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?