शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा सर्वोपरि- जीएम इं. एसके सिंघल

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। इस महान राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर हेलो स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रांगण में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता और गर्व का अनुभव हो रहा है। 15 अगस्त का यह ऐतिहासिक दिन हमें उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिनकी बदौलत आज हम आजाद भारत की हवा में सांस ले रहे हैं। लेकिन असली आजादी केवल अंग्रेजों के शासन से मुक्ति नहीं थी, बल्कि एक ऐसे समर्थ, शिक्षित और सशक्त भारत का निर्माण करना थी जहाँ हर नागरिक देश के विकास में अपना योगदान दे सके। उक्त बाते ओबरा तापीय परियोजना के महाप्रबन्धक इं. एस के सिंघल ने हेलो स्कूल आफ एक्सीलेंस के स्वाधीनता दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुये कही।

श्री सिघल ने कहा कि इस दिशा में एक शिक्षण संस्थान की भूमिका सबसे अहम होती है। विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों से बनी इमारत नहीं होता, बल्कि वह भावी भारत का निर्माण स्थल होता है। मुझे यह कहते हुए हर्ष हो रहा है कि हेलो स्कूल ऑफ एक्सीलेंस ने न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव रखी है, बल्कि हमारी नई पीढ़ी को एक बेहतर, संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाने का एक बेहतरीन विकल्प तैयार किया है।

आज के इस आधुनिक और तेजी से बदलते दौर में केवल किताबी ज्ञान या डिग्री हासिल कर लेना ही काफी नहीं है। असली शिक्षा वही है जो बच्चे के भीतर चरित्र, संस्कार और नैतिक मूल्यों का सिंचन करे। श्री सिघल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर, मैं इस मंच से आप सभी से कुछ संकल्प लेने का आह्वान करता हूँ। राष्ट्र भक्ति का संकल्प हमारी पहली और सबसे बड़ी निष्ठा अपने देश के प्रति होनी चाहिए। हम जिस भी क्षेत्र में कार्य करें। चाहे वह पढ़ाई हो, समाज सेवा हो या कोई व्यवसाय हमारा हर कदम राष्ट्र निर्माण और देश के विकास में योगदान देने वाला होना चाहिए। ईमानदारी और निष्ठारू अपने काम के प्रति ईमानदारी ही आपको जीवन में सच्ची सफलता और सम्मान दिला सकती है। यदि आप अपने कर्तव्य का पालन पूरी निष्ठा से करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य आपके लिए असंभव नहीं है। नैतिकता और उच्च चरित्र ज्ञान यदि बिना नैतिकता के हो, तो वह समाज के लिए उपयोगी नहीं रह जाता। जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आएं, अपनी नैतिकता और सिद्धांतों से कभी समझौता न करें।

विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को मेरी ओर से हार्दिक बधाई, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें देशभक्त नागरिक बनाने के लिए दिन-रात प्रयासरत हैं। प्यारे बच्चों, आप इस देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। स्वतंत्रता के इस पर्व पर अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक रखने, बड़ा सपना देखने और ईमानदारी से देश सेवा करने का संकल्प लें।

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