एनसीईआरटी की बुक ही सभी विद्यालय अनिवार्य रूप से चलाये: डीआईओएस

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अमित मिश्रा

डीआईओएस और बीएसए ने कई विद्यालयो का किया निरीक्षण

बुक डिपो की जांच में मिली लापरवाही होगी कार्रवाई : मुकुल आनंद

यूनिवर्सल बुक डिपो में संदिग्ध मामले होने पर कराया गया बंद

तीन दिन में ,आदेशो का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में प्राइवेट शिक्षा माफियाओं के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी बीएन सिंह के निर्देश पर सीबीएसई विद्यालयों व कापी किताब के दुकानों पर जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय द्वारा विभिन्न शिकायतों पर जांच करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
इस सम्बंध में बीएसए ने बताया कि जांच के दौरान यूनिवर्सल बुक डिपो में संदिग्ध मामले होने पर बन्द कराया गया है। वही जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि आज कुछ विद्यालयो का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पायी गयी कमियो के दृष्टिगत निम्नवत् निर्देश निर्गत किये गए है। 

जनपद में आरटीई के अन्तर्गत चयनित बच्चो का प्रवेश अनिवार्य रूप से किया जाय, वर्ष 2024-25 व 2025-26 में शुल्क का अन्तर शून्य किया जाय, एनसीईआरटी की निर्धारित पाठ्य-पुस्तको से ही पठन-पाठय कराया जाय। अन्य पाठ्य-पुस्तको के लिए छात्र-छात्राओं एवं अभिभावको पर दबाब नही दिया जायेगा।

अभिभावकों व छात्र-छात्राओं की अपनी इच्छा से किसी भी दुकान से पाठ्य-पुस्तक खरीद सकता है। किसी विशेष दुकान से पुस्तक लेने की बाध्यता नहीं होगी, दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अन्तर्गत प्रवेश और पूर्ण शिक्षण योजना उसी के अनुरूप सुनिश्चित की जाय। प्रवेश शुल्क, सिक्योरिटी मनी, रजिस्ट्रेशन शुल्क केवल एक बार ही लिया जाय।

टीसी निर्गत करते समय पंजीकरण शुल्क छोड़कर वापस करना होगा, 10 वीं और 12 वी. उत्तीर्ण होने पर छात्र-छात्राओं के टीसी जनपद स्तर से प्रतिहस्ताक्षरित कराना सुनिश्चित की जाय और रीजनल ऑफिस प्रयागराज से प्रवजन प्रमाण पत्र प्राप्त कर बच्चों को उपलब्ध कराया जाय। विद्यालय में वाहन से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक सह चालक वाहन में अवश्य रहें। वाहन चालक का चिकित्सीय परीक्षण एवं विद्यालय वाहन का समय-समय पर फिटनेस अवश्य कराया जाय और इसकी सूचना एआरटीओ को उपलब्ध करायी जाय।

इसके साथ ही ई-रिक्शा, आटो व डग्गामार वाहनो से बच्चों का परिवहन न कराया जाय। 18 वर्ष से कम उम्र के छात्र-छात्राओं के दुपहिया वाहन पर विद्यालय आने पर रोक लगाई जाय। छात्र-छात्राओं के आकस्मिक चिकित्सीय उपचार हेतु फर्स्ट ऐड की व्यवस्था करायी जाय, मानक के अनुसार अग्निशमन यन्त्र स्थापित एवं उनकी क्रियाशीलता रहें एवं आपदा प्रबन्धन समिति का गठन विद्यालय स्तर पर करा लिया जाय।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि जनपद के सभी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय संचालक उक्त आदेशो का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें एवं अनुपालन आख्या 03 कार्य दिवस के अन्दर उपलब्ध करायें।

वही निरीक्षण के दौरान जय किशोर वर्मा, कमलेश यादव, आदिल सहित अन्य विभागीय स्टाफ  मौजूद रहे ।

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