तीस वर्ष बाद रास्ते पर अतिक्रमण बता आवासीय पट्टे को किया गया निरस्त, ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

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अमित मिश्रा

कई पीढ़ी से रह रहे आवास को खाली कराकर जमीदोज करने का हुआ आदेश

इस भीषण गर्मी में नन्हे-नन्हे बच्चे हाथों में पानी का बोतल लेकर किया माता-पिता के साथ प्रदर्शन

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुसही चुर्क के दर्जनों गरीब परिवारों ने छोटे-छोटे बच्चो को लेकर आज कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को नामित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को देकर न्याय की गुहार लगाया है।

प्रदर्शन के दौरान पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि मुसही गांव के निवासी है वर्ष 1994 में भूमिहीन व मजदूर उनके दादा और पिता को आवास बनाने के लिए पट्टा दिया गया था। जिस वह लोग सरकारी आवास बनाकर सपरिवार निवास कर करते चले आ रहे है। अब उनके मकान व जमीन पर भू-माफियाओं की निगाह लग गई और सम्बन्धित अधिकारी को गुमराह करके 29 अगस्त 2014 को उनके आवासी पट्टा को विधि विरूद्ध तरीके से निरस्त
करा दिया गया जबकि इसकी सूचना उन लोगो को नही दी गयी। तहसील प्रशासन ने उनकी जमीन को सीधे धारा 67 क उत्तर प्रदेश
राजस्व संहिता 2006 के तहत एक पक्षीय आदेश पारित कर आरसी प्रपत्र वसूली का नोटिस थमा दिया गया। इस नोटिस के मिलने पर न्यायालय तहसीलदार न्यायिक के समक्ष उपस्थित होकर धारा 67 क के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किये लेकिन तत्कालीन तहसीलदार न्यायिक ने 14 नवम्बर 2023 को
न्यायालय में उपस्थित होने के बावजूद भी यह कहते हुए कि ऊपर से आदेश है मुकदमों को खारिज करने के लिये जिस कारण खारिज कर देता हूँ।

इस मुकदमे में तहसीलदार न्यायिक ने कहा कि आप लोग रेस्टोरेशन दे दीजिएगा मैं आप लोगों को न्याय दिलाऊंगा। उन्होंने कहा कि मुकदमें का कम्प्यूटर अभी बन्द है जब रेस्टोरेशन का कम्प्यूटर चालू होगा तब हम आप लोगों का रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र लूंगा लेकिन आज तक नही लिया गया। 

इसी साजिश के तहत आज सुबह तहसीलदार राबर्ट्सगंज तथा दोपहर बाद एसडीएम राबर्ट्सगंज हम ग्रामीणों के घर पर पहुँचकर नोटिस देकर धमकी दिये कि तत्काल तुम लोग अपना घर छोड़कर भाग जाओं नहीं तो कल सुबह फोर्स लेकर आयेंगे और सभी घरो को धाराशाही कर देंगे। जिससे करीब 50-60 लोग घर से बेघर हो जायेंगे।

इस गर्मी में हम लोगो के पास रहने का कोई अन्य ठिकाना नहीं है छोटे-छोटे बच्चे तथा औरते मर जायेंगे जबकि उन सभी के घर के पास लगभग 40 फीट चौड़ी पक्की सड़क (रास्ता) बना हुआ है और कोई रास्ता उनके घर – मकान से अवरूद्ध नहीं है। हम सभी ग्रामीणों द्वारा मौके पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है।

इस मामले को लेकर  जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी राबर्ट्सगंज  को शपथ पत्र सहित  प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आज तक न्याय नहीं मिल पाया। इसके पूर्व में दिये गये प्रार्थना पत्र आईजीआरएस की रसीद तथा शपथ पत्र व तहसीदार राबर्ट्सगंज द्वारा प्रेषित नोटिस / सूचना की छायाप्रति प्रार्थना के संलग्न है। ऐसी स्थिति में तहसीलदार द्वारा जारी नोटिस 15 मई 2025 को निरस्त करते हुए उनके आवासी पट्टा को बहाल किया जाय। इसके साथ ही उनके मकान को धाराशाही करने से रोका जाना गरीब मजदूरों के हित मे होगा।
इस मौके पर लजपतिया,निश,अनेश, दिनेश,धीरज,रमेश,सुदापा आदि लोग मौजूद रहे ।

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