म्योरपुर, सोनभद्र। ब्लॉक के लीलासी गांव निवासी दयाशंकर गोंड ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर धान की फसल लगी अपनी पैतृक कृषि भूमि को फर्जी तरीके से अकृषिक घोषित कराकर बैनामा कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने जांच कर अकृषिक घोषणा निरस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, गाटा संख्या , हेक्टेयर भूमि उनके दादा बेचू पुत्र बालक को सरकारी पट्टे के रूप में मिली थी। बाद में पिता हीरालाल पुत्र बेचू का नाम बतौर वारिस दर्ज हुआ। दयाशंकर का कहना है कि वह उक्त भूमि पर धान की खेती कर परिवार की आजीविका चलाते हैं।
आरोप है कि ऊषा देवी पत्नी श्रीनारायण, उनके पुत्र पवन कुमार तथा संबंधित लोगों ने साजिश कर भूमि को अकृषिक घोषित कराने की कार्रवाई कराई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, न्यायालय उपजिलाधिकारी (न्यायिक) दुद्धी में वाद संख्या में 9 सितंबर 2026 को आदेश पारित हुआ और 14 सितंबर को आनन-फानन में मात्र 20 हजार रुपये में बैनामा करा लिया गया, जबकि दस्तावेज में भूमि का मूल्यांकन 29.94 लाख रुपये अंकित है।
पीड़ित ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80(1) का हवाला देते हुए कहा कि अकृषिक घोषणा के लिए आवश्यक औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी के साथ मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है।








