वाम दलों ने विरोध प्रदर्शन कर डीएम नामित प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज में वामपंथी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने और हटाए गए मतदाताओं का मताधिकार बहाल करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला मंत्री नंदलाल आर्य ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट में तीन में से दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए मुद्दों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर बुनियादी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 मौकों पर मतदाता पंजीयन, नाम हटाने और वापस लाने तथा SIR के फैसलों पर आपत्तियां जताई गई हैं और राज्य स्तर पर अधिकारियों की वोटर डेटाबेस तक पहुंच सीमित करने जैसे मुद्दे सामने आए हैं।
वाम दलों ने चार सूत्रीय मांग पत्र में कहा -मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाए।,SIR की प्रक्रिया को रोका जाए।, गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के मताधिकार को बहाल किया जाए।,चुनाव आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली बहाल हो और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित चयन समिति (प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और चीफ जस्टिस) के आधार पर की जाए।
ज्ञापन देने वालों में भाकपा (माले) लिबरेशन के राजदेव सिंह, किसान सभा के जिला संयोजक प्रेमनाथ, हनुमान प्रसाद, राजबली, रबीन्द्र कुमार, अनंत प्रसाद, सुभाषचंद्र, चंद्रशेखर, रामबचन, दीपक कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।






