……आजादी के बाद भी पक्की सड़क का इंतजार, 500 ग्रामीणों की राह दुश्वार
सोनभद्र -। घोरावल विधानसभा क्षेत्र के करमा विकास खंड के ग्राम पंचायत मुबारकपुर की सरौली से संपर्क मार्ग दरबहवा व नारायन दास मार्ग से जुड़ी बस्तियों के ग्रामीण आजादी के 79 वर्ष बाद भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं। करीब 500 की आबादी वाले इन मोहल्लों में आज भी कच्चे रास्तों से आवागमन होता है। बरसात शुरू होते ही ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। कीचड़ और फिसलन के कारण रास्ते पर चलना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में चारपहिया तो दूर, दोपहिया वाहन भी घरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाते हैं।
ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी परेशानी उस समय खड़ी होती है, जब कोई बीमार पड़ जाता है। खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन घर तक नहीं पहुंच पाते। मरीज को चारपाई पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में रोजमर्रा के कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और जरूरी सामान की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बरसात में कच्चे रास्तों की हालत और खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सरौली संपर्क मार्ग, दरबहवा और नारायन दास मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कराकर शीघ्र पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने से करीब 500 लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी राहत मिलेगी।
प्रदर्शन करने वालों में बलिराम मौर्य, विजय कुमार, जगदीश चंद्र, राजकुमार, बृजेश पाल, रामानंद, लालजी बिंद, सुक्कल और सुनील कुमार शामिल रहे।






