मुंबई से गिरफ्तार खनन कारोबारी इस्तियाक अहमद खान सोनभद्र कोर्ट में पेश, रिमांड पर आज फैसला

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अमित मिश्रा

सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) । खनन पट्टे से जुड़े दस्तावेजों और चेक में कथित धोखाधड़ी के मामले में सोनभद्र पुलिस ने खनन कारोबारी इस्तियाक अहमद खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे सोनभद्र लेकर पहुंची और सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है। रिमांड पर अदालत का फैसला आज दोपहर आने की बात कही जा रही है।

यह मामला रिंकी श्रीवास्तव के खनन पट्टे ‘राधिका इंटरप्राइजेज’ से जुड़े दस्तावेजों और चेक में कथित धोखाधड़ी से संबंधित बताया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 3 सितंबर को ओबरा स्थित इस्तियाक अहमद खान के आवास पर छापेमारी की थी। पुलिस के मुताबिक छापेमारी के दौरान वह घर पर नहीं मिला, जिसके बाद उसके फरार होने की बात सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए इस्तियाक अहमद खान को मुंबई से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे सोनभद्र लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी की पेशी को देखते हुए जिला न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

रिमांड को लेकर कोर्ट में पुलिस की मांग

पुलिस ने मामले की जांच के लिए आरोपी को रिमांड पर लेने की मांग की है। अब अदालत के आदेश पर यह तय होगा कि पुलिस को पूछताछ और जांच के लिए आरोपी की कस्टडी मिलती है या नहीं। मामले में अदालत के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

बचाव पक्ष ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता बबलू दीक्षित ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभियुक्त पक्ष का आरोप है कि पूरी कार्रवाई किसी को लाभ पहुंचाने की नीयत से की जा रही है। बचाव पक्ष का दावा है कि जब मामला न्यायालय के समक्ष आया था, उस समय चेक पर किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर होने की बात सामने नहीं आई थी।

अधिवक्ता ने कथित तौर पर मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तारी, निजी होटल में रखे जाने और सुबह ही अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के पीछे किसी को लाभ पहुंचाने की नीयत हो सकती है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस तथा अदालत की आगे की कार्रवाई के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी। आरोपी पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाना है।

बचाव पक्ष की ओर से शेष नारायण दीक्षित, अधिवक्ता ने भी मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं

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