अमित मिश्रा
O- NCL के सीनियर ओवरमैन की मौत पर बड़ा खुलासा ।
O- सोनभद्र में एनसीएल के सीनियर ओवरमैन की संदिग्ध मौत ने खोले कई राज, पिता ने बहू और उसके कथित प्रेमी पर लगाया हत्या का आरोप
O- मौत से पहले पिता को किया था फोन, अगले दिन मिला शव; अब पत्नी और कथित प्रेमी पर हत्या का केस
शक्तिनगर (सोनभद्र)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित एनसीएल बीना परियोजना के एक वरिष्ठ अधिकारी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पहले जिस मौत को सड़क हादसा माना जा रहा था, अब वह एक कथित हत्या की साजिश के रूप में जांच के दायरे में आ गई है। मृतक के पिता ने अपनी बहू, उसके कथित प्रेमी और अन्य लोगों पर हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 40 वर्षीय रमाकांत मिश्रा, जो एनसीएल बीना परियोजना में सीनियर ओवरमैन के पद पर कार्यरत थे, 22 अगस्त को शक्तिनगर स्थित आवासीय कॉलोनी के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। प्रारंभिक तौर पर मामला सड़क दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन अब इस घटना ने नया मोड़ ले लिया है।
मृतक के पिता रामयश मिश्रा ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि घटना से कुछ घंटे पहले उनके पुत्र ने फोन पर अपनी जान को खतरा बताया था। पिता के अनुसार रमाकांत ने बताया था कि उसकी पत्नी प्रियंका मिश्रा का विकास चौहान नामक व्यक्ति से संबंध था और इसे लेकर घर में तनाव चल रहा था। बातचीत के दौरान रमाकांत ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका भी जताई थी।
पिता का आरोप है कि पत्नी और उसके कथित प्रेमी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर रमाकांत की हत्या की और बाद में मामले को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया। तहरीर में गला घोंटने या मारपीट कर हत्या किए जाने की आशंका भी जताई गई है।
शक्तिनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र राय ने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर पत्नी, कथित प्रेमी तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।






