राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रीय सामान्य वर्ग आयोग के गठन और विवादित नीतियों को रोलबैक करने की मांग
सोनभद्र। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M) के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी गो बैक को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष संतोष कुमार पांडेय ने किया। ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी की कुछ नीतियों और प्रावधानों को लेकर देशभर के विद्यार्थियों और नागरिकों में भेदभाव और असमानता की आशंका को लेकर गंभीर चिंता और असंतोष है। ऐसी नीतियां संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत मिले समानता के अधिकार के खिलाफ हैं।
मोर्चा की प्रमुख 7 मांगें –
1. यूजीसी रोलबैक: विवादित नीतियों, नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
2. राष्ट्रीय सामान्य वर्ग आयोग का गठन: सामान्य वर्ग के नागरिकों, विद्यार्थियों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग बने।
3. आयोग को संवैधानिक और कानूनी अधिकार: ताकि वह सरकार के समक्ष प्रभावी अनुशंसा प्रस्तुत कर सके।
4. समान अवसर और योग्यता आधारित व्यवस्था: शिक्षा व रोजगार में सबको योग्यता के अनुसार समान अवसर मिले।
5. सभी विद्यार्थियों के लिए समान सुरक्षा: विश्वविद्यालयों में सभी वर्गों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित हो।
6. नीति निर्माण में जनभागीदारी: कोई भी नीति लागू करने से पहले छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों से सुझाव लिए जाएं।
7. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए विशेष सहयोग: छात्रवृत्ति, फीस सहायता, आवास, शिक्षा ऋण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा किसी वर्ग के अधिकारों का विरोध नहीं करता, बल्कि ‘सबके लिए समान अधिकार और सबके साथ न्याय’ की संवैधानिक भावना के साथ काम करता है। मांग की गई कि करोड़ों छात्रों और युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए यूजीसी की विवादित नीतियों की निष्पक्ष समीक्षा कर रोलबैक किया जाए।






