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अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि मनाई गई, नौगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी जर्जर तार-पोल से कई टोले की बिजली बदहाल, पोल टूटने से पूरी बस्ती अंधेरे में महीनों से खराब ट्रांसफार्मर, अंधेरे में ग्रामीण; प्रदर्शन कर बिजली विभाग के खिलाफ जताया आक्रोश बच्चों ने शिक्षा, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, नौगढ़ के श्री श्री ज्ञान मंदिर में स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव लखनऊ में सम्मानित, कानपुरपरिक्षेत्र से अकेले चुने गए अधिकारी कुंडी नाला में युवक का शव मिलने से सनसनी, हत्या या हादसा?

जर्जर तार-पोल से कई टोले की बिजली बदहाल, पोल टूटने से पूरी बस्ती अंधेरे में

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सी एस पाण्डेय

O- बारिश में चरमराई विद्युत व्यवस्था, घंटों बाद भी नहीं पहुंचे जिम्मेदार

O- ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जताया आक्रोश, तत्काल मरम्मत की मांग

बभनी (सोनभद्र) । विकासखंड बभनी की ग्राम पंचायत डूभा-संवरा में जर्जर विद्युत तार और कमजोर हो चुके पोल ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। आए दिन फाल्ट और विद्युत आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को जहां नियमित बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बुधवार को तेज बारिश के दौरान करौंदिया टोला में दो विद्युत पोल टूटकर गिर गए। पोल गिरने के बाद पूरी बस्ती की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और ग्रामीणों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है। पुराने और जर्जर तार-पोल के कारण बारिश और तेज हवा के दौरान फाल्ट की आशंका बनी रहती है। बुधवार को दो पोल गिरने की घटना के बाद ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई।

बारिश के बीच घंटों बिजली का इंतजार

ग्रामीणों के मुताबिक पोल टूटने की सूचना बिजली विभाग के संबंधित कर्मचारियों को दी गई, लेकिन जेई और लाइनमैन के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने से समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो सका। बिजली गुल होने के कारण करौंदिया टोला के लोग घंटों परेशान रहे।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, वहीं घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से बारिश के मौसम को देखते हुए क्षेत्र में जर्जर तार और पोल की व्यापक जांच कराने की मांग की है।

छोटी खराबी भी बन रही बड़ी समस्या

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ओर से आरोप लगाया गया कि विद्युत विभाग के पास नट-बोल्ट, तार और अन्य जरूरी मरम्मत सामग्री तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं रहती। इसके चलते मामूली तकनीकी खराबी के समाधान में भी अनावश्यक देरी होती है।

भाकपा नेताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए केवल नए कनेक्शन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुराने विद्युत ढांचे को भी मजबूत करना जरूरी है। जर्जर तार और पोल कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

नए पोल नए तार से टोलों में विद्युतीकरण की मांग

भाकपा जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा ने करौंदिया टोला में टूटे हुए दोनों विद्युत पोल तत्काल लगवाने की मांग की है। उन्होंने पुराने और जर्जर तार-पोल को बदलने के साथ ही गौहन टोला की पूरब बस्ती में नए सिरे से विद्युतीकरण कराने की भी मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से विद्युत संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बरसात में समस्या और गंभीर हो जाती है। विभाग को प्राथमिकता के आधार पर जर्जर विद्युत ढांचे को दुरुस्त कर आपूर्ति व्यवस्था बहाल करनी चाहिए।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

भाकपा ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि यदि करौंदिया टोला में टूटे पोल तत्काल नहीं लगाए गए और जर्जर तार-पोल की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन में योगेंद्र कुमार, जयपाल, जोखन सिंह, प्रदीप कुमार, शिवमंगल, जगमोहन, ललन यादव समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे।

बड़ा सवाल: जर्जर विद्युत ढांचे की जिम्मेदारी किसकी?

करौंदिया टोला में दो विद्युत पोलों का टूटकर गिरना महज बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत ढांचे के रखरखाव पर भी सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते जर्जर पोल और तारों को चिन्हित कर बदला जाए तो बारिश और तेज हवा के दौरान होने वाले हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

ग्रामीणों की मांग अब केवल बिजली बहाली तक सीमित नहीं है। वे जर्जर तार-पोल बदलने, नियमित विद्युत रखरखाव और गौहन टोला की पूरब बस्ती में विद्युतीकरण की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि बिजली विभाग ग्रामीणों की शिकायत पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।

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