“या हुसैन, या हुसैन” के नारों से गूंजा नगर
सोनभद्र। चेहल्लुम का जुलूस सोमवार को राबर्ट्सगंज नगर में गमगीन माहौल के बीच पूरे जोशो-खुलूस के साथ मनाया गया। युवाओं ने यादे कर्बला में मातम और सीनाजनी करते हुए “या हुसैन, या हुसैन” के नारे लगाए। साथ ही “कर्बला दूर है, जाना जरूर है” की सदाएं भी बुलंद की गईं।
दोपहर बाद 5 बजे सबसे पहले ताज़िया रिजवी कटरा से उठी। इसके बाद हिराबाबा और दीपनगर की ताजियों का मिलान टैक्सी स्टैंड पर हुआ। इसके बाद सभी ताजिये बिजली सबस्टेशन के पास पहुंचकर हमीदनगर की ताजियों से मिले। वहां से सभी ताजिये मेन चौक पहुंचे।
मेन चौक पर बूढ़े, जवान और मासूम बच्चों ने खूनी मातम किया और “हाय हुसैन, या हुसैन” की सदाएं बुलंद कीं। पूरा क्षेत्र भक्तिभाव और गम के माहौल में डूबा रहा।
गौरतलब है कि मुहर्रम का त्योहार कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाया जाता है। कर्बला में 72 के मुकाबले यजीद की 22 हजार की सेना थी। यह हक और इंसाफ की लड़ाई का प्रतीक है।
जुलूस में सदर मुश्ताक खान, रोशन खान, एम ए सिद्दीकी एड., हिदायत उल्ला खान, हिराबाबा वारसी, साजिद खान वारसी, रिजवान वारसी, शेरू, जाफर सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
सावन मास के मद्देनजर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी गई थी।





