राममंदिर चढ़ावा चोरी, पेपर लीक व कानून व्यवस्था पर  प्रदर्शन

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उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक आयोग गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग

सोनभद्र। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी आंदोलन के तहत सोमवार को मुख्य मार्ग से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य कामरेड आर. के. शर्मा ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा और दान की धनराशि को तथाकथित सनातनियों द्वारा लूट कर आस्था के साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि “जो राम को लाए थे, वह भक्तों के दान को खा गए”। राम मंदिर लूट कांड में शामिल सभी लोग राम मंदिर न्यास समिति में भारत सरकार द्वारा नामित थे, इससे घटना का सीधा संबंध सरकार से साबित होता है। बिना FIR दर्ज किए SIT गठित करना और बड़े आरोपियों को बचाना साजिश की ओर इशारा करता है।
भाकपा ने मांग की कि राम मंदिर चढ़ावा लूट कांड की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक आयोग गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और लूटी गई पूरी धनराशि बरामद कर जनहित में खर्च की जाए।
जिला सह सचिव कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा ने लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 18 छात्रों की मौत पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 करोड़ का मुआवजा और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि एक लाख प्राथमिक विद्यालय बंद किए जाने से 3.5 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में 465 इंटर कॉलेज, सैकड़ों महाविद्यालय और तकनीकी संस्थान बंद होने से लाखों शिक्षकों की आजीविका खत्म हुई है।
जिला कोषाध्यक्ष कामरेड प्रेम चंद गुप्ता ने महंगाई, बिजली निजीकरण, स्मार्ट मीटर, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें, दलितों-आदिवासियों-पिछड़ों पर अत्याचार, खाद-बीज की कमी और खराब कानून व्यवस्था को सरकार की जनविरोधी नीतियों का नतीजा बताया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगे राम मंदिर चढ़ावा लूट कांड की SC की निगरानी में न्यायिक आयोग से जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, धनराशि बरामद कर जनहित में खर्च, फास्ट ट्रैक कोर्ट से कठोर सजा। अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के दोषियों की गिरफ्तारी, मृतक छात्रों के परिजनों को 5-5 करोड़ मुआवजा। बंद किए गए सभी प्राथमिक विद्यालय, कॉलेज, तकनीकी संस्थान व मदरसे पुनः बहाल किए जाएं। पेपर लीक की घटनाओं की SC की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच, दोषियों को कड़ी सजा और छात्रों को उम्र सीमा में छूट। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के आरोप में मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कम्युनिस्ट कार्यकर्ता शामिल रहे।

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