वीरेंद्र कुमार
O- विंढमगंज-कोन मुख्य मार्ग पर रेलवे अंडरपास बना ‘तालाब’, दोपहिया वाहन डूबने की कगार पर, सैकड़ों राहगीर फंसे
विंढमगंज (सोनभद्र)। मूसलाधार बारिश ने रेलवे अंडरपास की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश में अंडरपास तालाब में तब्दील हो गया। दोपहिया वाहन डूबने की कगार पर पहुंच गए, चार पहिया वाहन जोखिम उठाकर गुजरते रहे और सैकड़ों लोग घंटों फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने रेलवे और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।
मानसून की पहली तेज बारिश ने विंढमगंज–कोन मुख्य मार्ग पर बने रेलवे अंडरपास (गेट संख्या-49) की खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे हुई मूसलाधार बारिश के बाद अंडरपास पूरी तरह पानी से लबालब भर गया, जिससे मुख्य मार्ग पर घंटों तक आवागमन बाधित रहा और सैकड़ों लोग दोनों ओर फंस गए।
बारिश का पानी इतना अधिक भर गया कि दोपहिया वाहन लगभग पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गए, जबकि चार पहिया वाहन भी जान जोखिम में डालकर जलभराव के बीच से गुजरते दिखाई दिए। कई वाहनों के भीतर तक पानी घुस गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान अंडरपास में जलभराव की यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। राहगीर गोरखनाथ, रमेश यादव, उमाशंकर और प्रेमनाथ ने बताया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मामले की सूचना तत्काल स्टेशन अधीक्षक आलोक कुमार को दी और अंडरपास की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि अंडरपास में जलभराव की समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार संबंधित ठेकेदार द्वारा आवश्यक कार्य कराया जाएगा।
बारिश के बाद सामने आई यह स्थिति रेलवे और संबंधित निर्माण एजेंसी की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और रेलवे से तत्काल प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अंडरपास को सुरक्षित और सुचारु आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।






