O- चार दिवसीय मेगा विकास मेले की तैयारी पूरी
O- जिलाधिकारी चर्चित गौंड और सीडीओ जागृति अवस्थी ने कहा, हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा सरकार की योजनाओं का लाभ
O- 17 से 20 जून तक आयोजित होगा चार दिवसीय विकास मेला, मोदी-योगी सरकार की योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । देश की ऊर्जा राजधानी और उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े आदिवासी एवं खनिज संपदा संपन्न जनपद सोनभद्र में विकास का नया अध्याय लिखने की तैयारी शुरू हो चुकी है। 17 से 20 जून तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय विकास प्रदर्शनी एवं जनकल्याण मेले में 20 से अधिक विभाग एक मंच पर आकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे। प्रशासन का दावा है कि यह आयोजन केवल सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी नहीं बल्कि आम नागरिकों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और उद्यमियों को सीधे लाभ पहुंचाने का बड़ा मंच बनेगा।
इस विकास मेले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पंचायती राज, उद्योग, पर्यटन, बैंकिंग, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, वन, पुलिस और डिजिटल तकनीक से जुड़े विभाग अपनी योजनाओं और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी चर्चित गौंड बोले, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
जिलाधिकारी चर्चित गौंड ने कहा कि विकास मेले का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और पात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ना है।

“सोनभद्र में आयोजित होने वाला विकास मेला सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बनेगा। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। विभिन्न विभागों द्वारा ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण, प्रमाण पत्र वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण, रोजगार परामर्श और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।”
चर्चित गौंड, जिलाधिकारी, सोनभद्र
उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा देगा।
युवाओं के लिए रोजगार और तकनीक का नया प्लेटफॉर्म
मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बताया कि विकास मेले में युवाओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कौशल विकास मिशन और उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा रोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता और आधुनिक तकनीकी शिक्षा से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

“विकास मेले का उद्देश्य केवल योजनाओं का प्रचार नहीं बल्कि युवाओं को अवसरों से जोड़ना है। एआई, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, डिजिटल इनोवेशन और स्टार्टअप मॉडल के माध्यम से युवाओं को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।”
जागृति अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी, सोनभद्र
मेले के नोडल अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया की “जनपद सोनभद्र को विकास की नई पहचान देने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। 17 से 20 जून तक आयोजित होने जा रहे चार दिवसीय मेगा विकास मेले में 20 से अधिक विभाग एक ही मंच पर अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। मेले का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों का मौके पर पंजीकरण करना तथा युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों को नए अवसरों से जोड़ना है।”
बेसिक शिक्षा और उच्च शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आंनद पाण्डेय ने बताया की बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निपुण भारत मिशन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, स्कूल चलो अभियान और शिक्षा सुधार कार्यक्रमों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को करियर काउंसलिंग, तकनीकी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की जानकारी देगा।

जिला प्रशासन का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास ही विकसित भारत की आधारशिला हैं, इसलिए इस क्षेत्र को मेले में विशेष प्राथमिकता दी गई है।
किसानों और महिलाओं के लिए अवसरों का बड़ा मंच
कृषि विभाग आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, ड्रिप सिंचाई, मृदा परीक्षण और उन्नत बीजों की जानकारी देगा। वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की व्यवस्था की गई है।
महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और वित्तीय आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
पंचायती राज विभाग दिखाएगा विकसित गांवों की तस्वीर
जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण ने बताया की पंचायती राज विभाग द्वारा अमृत सरोवर, स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल पंचायत, पंचायत भवनों के आधुनिकीकरण और ग्रामीण विकास परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

“मजबूत पंचायतें ही विकसित गांव और विकसित भारत की आधारशिला हैं। विकास मेले के माध्यम से पंचायत स्तर पर हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।”
नमिता शरण जिला पंचायत राज अधिकारी
स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा पर भी रहेगा जोर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान भारत कार्ड, टीबी उन्मूलन अभियान और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।
वन विभाग “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा, जबकि पुलिस विभाग साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और यूपी-112 सेवाओं के प्रति जागरूकता फैलाएगा।
पर्यटन और उद्योग को मिलेगा नया आयाम
पर्यटन विभाग सोनभद्र के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रदर्शनी लगाएगा। उद्योग विभाग ओडीओपी, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और स्वरोजगार कार्यक्रमों को बढ़ावा देगा।
विकसित भारत के सपने में सोनभद्र की बड़ी भूमिका
ऊर्जा उत्पादन, खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए पहचाने जाने वाले सोनभद्र को अब विकास, तकनीक, शिक्षा और जनकल्याण के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि यह विकास मेला केवल चार दिन का आयोजन नहीं, बल्कि सोनभद्र के भविष्य की नई दिशा तय करने वाला अभियान साबित होगा।
पूर्वांचल ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश की निगाहें अब इस आयोजन पर टिकी हैं। यदि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचता है तो यह मेला आदिवासी और ग्रामीण भारत के विकास मॉडल के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है।







