सरकार की पांच उपलब्धियां गिनाने को कहा तो बगले झंकाने लगे मंत्री, पर्यावरण और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल बने चर्चा का केंद्र

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अमित मिश्रा

O- सोनभद्र में सवालों के घेरे में प्रभारी मंत्री: उपलब्धियों से ज्यादा चर्चित रहे पत्रकारों के तीखे सवाल से

O- अवैध अस्पतालों, घटते जंगलों और पावर प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों की कटाई पर घिरे मंत्री; सरकार की पांच उपलब्धियां गिनाने में भी हुई असहजता

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा का सोनभद्र दौरा उस समय चर्चा का विषय बन गया जब सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने उनसे सरकार की पांच प्रमुख उपलब्धियां गिनाने को कहा। सवाल सुनते ही मंत्री कुछ क्षणों के लिए असहज नजर आए और जवाब देने से पहले मंच पर मौजूद अन्य नेताओं की ओर देखते दिखाई दिए। यह दृश्य प्रेस वार्ता के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

प्रेस वार्ता में सरकार की उपलब्धियों से अधिक चर्चा उन सवालों की रही, जो जिले में स्वास्थ्य, पर्यावरण और विकास परियोजनाओं से जुड़े थे। पत्रकारों ने जिले में संचालित अवैध अस्पतालों और वहां कथित तौर पर हो रही मौतों का मुद्दा उठाया। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि बीमार होने पर लोग अस्पताल जाते हैं और यदि किसी अस्पताल के अवैध संचालन या अनियमितता की शिकायत मिलेगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को ऐसे मामलों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश देने की बात भी कही।

इसके बाद चर्चा पर्यावरण और वन क्षेत्र के मुद्दे पर पहुंची। पत्रकारों ने भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जिले में वन क्षेत्र में कमी से जुड़ा सवाल पूछा। इस पर मंत्री ने सीधे आंकड़ों पर टिप्पणी करने के बजाय सरकार के वृक्षारोपण अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है और पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान जिले में प्रस्तावित बड़े पावर प्रोजेक्ट्स और उनसे जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों का मुद्दा भी उठा। पत्रकारों ने पूछा कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर सरकार का क्या दृष्टिकोण है। मंत्री ने इस सवाल के जवाब में भी वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख किया, हालांकि परियोजनाओं से जुड़े विशिष्ट प्रश्नों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी।

प्रभारी मंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जिले में आयोजित चौपालों के दौरान अपेक्षाकृत कम शिकायतें सामने आई हैं, जो सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संकेत है। उन्होंने पेयजल, सड़क और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सुधार का दावा करते हुए कहा कि जहां भी समस्याएं हैं, उन्हें चिन्हित कर समाधान किया जाएगा।

हालांकि प्रेस वार्ता के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सबसे अधिक चर्चा उन सवालों की रही जिन पर मंत्री से स्पष्ट और सीधे जवाब की अपेक्षा की जा रही थी। अवैध अस्पतालों की कार्यप्रणाली, पर्यावरणीय चुनौतियां, वन क्षेत्र में कमी और औद्योगिक परियोजनाओं के प्रभाव जैसे मुद्दों ने पूरे कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बना लिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विकास, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में पूर्वांचल की राजनीति के महत्वपूर्ण विषय बन सकते हैं। ऐसे में सरकार के प्रतिनिधियों से इन सवालों पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब की अपेक्षा लगातार बढ़ती जा रही है।

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