अमित मिश्रा
O- सड़कों पर उतरे सपाई,प्रमोद यादव ने कहा, विकास के दावों के बीच महंगाई से त्रस्त है आम आदमी
O- सोनभद्र में स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन, बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर के दामों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
O- 12 साल सरकार बनाम जनता का सवाल? नमक-रोटी खाकर सपा ने दर्ज कराया विरोध
सोनभद्र। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में समाजवादी पार्टी ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। नगर मुख्यालय स्थित स्वर्ण जयंती चौक पर सपा कार्यकर्ताओं ने नमक और रोटी खाकर बढ़ती महंगाई, रसोई गैस के बढ़ते दाम और आम जनता पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि सरकार एक ओर अपने 12 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा नेता प्रमोद यादव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रसोई गैस, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। इसका सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल उपलब्धियों का प्रचार करने में जुटी हुई है।
सपा नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। रसोई का खर्च बढ़ने से आम नागरिकों के लिए जीवन यापन कठिन होता जा रहा है। इसी स्थिति को दर्शाने के लिए कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से नमक और रोटी खाकर विरोध दर्ज कराया।

स्वर्ण जयंती चौक पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते घरेलू खर्च आज देश के सबसे बड़े मुद्दे बन चुके हैं। उन्होंने सरकार से आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव और भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों को देखते हुए विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में सोनभद्र का यह प्रदर्शन केवल स्थानीय विरोध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा भी माना जा रहा है।
भाजपा सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जहां एक ओर सत्ता पक्ष उपलब्धियों को जनता के सामने रख रहा है, वहीं विपक्ष जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में जुटा हुआ है। सोनभद्र में हुआ यह प्रदर्शन इसी राजनीतिक संघर्ष की एक झलक माना जा रहा है।






