30 हजार प्रतिमाह व स्थायी सेवा नियमावली की मांग, 15 जून को लखनऊ में धरने की चेतावनी
सोनभद्र। पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मानदेय वृद्धि, सेवा सुरक्षा तथा अन्य सुविधाओं की मांग करते हुए शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई है। पंचायत सहायकों का कहना है कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में वे डिजिटल, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े कार्यों का निरंतर निर्वहन कर रहे हैं। शासन की योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है। इसके बावजूद वर्तमान में उन्हें मात्र 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है, जो बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। पंचायत सहायकों ने मांग की कि उनका मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए अथवा न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए। इसके अलावा अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए। विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों के स्थानांतरण एवं समायोजन की नीति लागू करने, ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की भी मांग रखी गई। पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर निर्धारित समयावधि में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर के पंचायत सहायक 15 जून 2026 को लखनऊ स्थित ईको गार्डन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष अंकित कुमार, प्रदेश संयोजक विनस कुमार, चंदन कुमार, रंजन कुमार, अमित, विनय, लाल बिहारी, विशाल, सरोज, विकास, धर्मेंद्र कुमार, सुमैया रिजवाना, आरती, मानसी, पुष्पा, पूजा कुमारी, प्रिया, अवनीश सहित सैकड़ों पंचायत सहायक मौजूद रहे।






