कठौंधी में परमिट की आड़ में पेड़ों की अवैध कटान का आरोप

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14 पेड़ की अनुमति पर काटे दो दर्जन कत्था के पेड़, डीएफओ ने बैठाई जांच

म्योरपुर/सोनभद्र। म्योरपुर रेंज के कठौंधी में काश्तकारी परमिट की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ काटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 14 पेड़ काटने की अनुमति लेकर दो दर्जन से अधिक बहुमूल्य कत्था के पेड़ काट डाले गए। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएफओ रेणुकूट कमल कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने मंगलवार को पहले वन विभाग को सूचना दी। वन दरोगा के मौके पर न पहुंचने पर ग्रामीणों ने मीडिया और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। ग्रामीणों का दावा है कि एक किसान के नाम से ठेकेदार ने 14 कत्था के पेड़ काटने की इजाजत ली, लेकिन उसी की आड़ में पड़ोस की महिला किसान और उसकी जेठानी के पेड़ भी काट लिए गए। चार बेर के पेड़ भी काटे गए। ग्रामीणों ने वन दरोगा की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एक सप्ताह पहले भी अधिक पेड़ काटे जाने की सूचना दी गई थी। मंगलवार को भी वन दरोगा को बताया गया, लेकिन वह कटान स्थल पर जाने के बजाय कथित ठेकेदार के साथ गुप्तगू करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले महीने भी गांव में 14 सागौन के पेड़ के परमिट पर सैकड़ों पेड़ काट लिए गए थे। अवैध कटान का सिलसिला रुक नहीं रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और सरकार की बदनामी हो रही है।

डीएफओ ने कहा- होगी कड़ी कार्रवाई
डीएफओ रेणुकूट कमल कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराई जा रही है। म्योरपुर रेंज से रिपोर्ट मांगी गई है। मामला सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

तस्करों की रंजिश से खुल रहा पोल
सूत्रों के अनुसार काश्तकारी परमिट पर ज्यादा पेड़ काटने के मामले में कथित वन तस्करों की आपसी रंजिश के चलते ही अवैध कटान का पोल खुल रहा है। एक-दूसरे की शिकायत ग्रामीणों के माध्यम से मीडिया तक पहुंचवाई जा रही है। नागराज में काटे गए दो दर्जन कत्था के पेड़ के बाद यह मामला उजागर हुआ।

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