चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील में वन भूमि पर पीढ़ियों से बसे और उन भूमि पर बने घरों पर बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में गुरुवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के तत्वावधान में एक विशाल प्रदर्शन किया गया। इस कार्रवाई से पीढ़ियों से बसे दलित, आदिवासी, बनवासी और अन्य कमजोर वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं।

पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव के नेतृत्व में हजारों ग्रामीणों ने दुर्गा मंदिर पोखरा से जुलूस निकाला और तहसील मुख्यालय तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग गरीबों और आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीनों से बेदखल कर रहा है। उन्होंने बुलडोजर से गिराए गए मकानों के लिए मुआवजा देने, वनाधिकार कानून के तहत भूमि का पट्टा जारी करने और आदिवासी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र देने की मांग की।

इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, कोठीघाट लिफ्ट पंप कैनाल को व्यवस्थित रूप से संचालित करने और तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों पर हमले बढ़े हैं।

उन्होंने जोर दिया कि जो लोग पीढ़ियों से जंगलों की रक्षा करते आए हैं, आज उन्हीं को उजाड़ा जा रहा है। यादव ने वन विभाग पर बड़े भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
राजेन्द्र यादव ने घोषणा की कि वनाधिकार कानून के तहत आदिवासियों और परंपरागत वन निवासियों को अधिकार दिलाने, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित कराने, आदिवासी समुदाय को पेंशन तथा युवाओं को स्थायी रोजगार दिलाने के लिए जन आंदोलन तेज किया जाएगा।

उन्होंने सितंबर माह में दिल्ली में मोदी सरकार के खिलाफ एक महाधरना आयोजित करने की भी बात कही।
सभा को आर.के. शर्मा, शशिकांत कुशवाहा, सुखदेव मिश्रा, किस्मत यादव, श्रवण यादव, राजकमल राम, शिवमूरत राम, रामप्यारे बनवासी और सुधाकर बिंद सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।






