छह महीने से आतंक मचा रहे सांड को गौशाला भेजा गया, राहत की सांस ले रहे ग्रामीण

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वीरेंद्र कुमार

O- दर्जनों लोगों को कर चुका था घायल, प्रशासन और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से खत्म हुआ भय का माहौल

विढमगंज (सोनभद्र) । जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र में पिछले छह महीनों से आतंक का पर्याय बने एक सांड को आखिरकार प्रशासन और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से पकड़कर गौशाला भेज दिया गया। सांड के हमलों से इलाके में दहशत का माहौल था और कई लोग घायल हो चुके थे। कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

जानकारी के अनुसार विंढमगंज क्षेत्र के बृहद बाजार और आसपास के गांवों में एक सांड लगातार लोगों पर हमला कर रहा था। बाजार आने-जाने वाले ग्रामीण, दुकानदार और राहगीर उसके आतंक से भयभीत थे। बीते महीनों में दर्जनों लोग घायल हुए, जिसके बाद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत भेजी थी।

ग्रामीणों की शिकायत और प्रशासनिक निर्देशों के बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार गुप्ता, समाजसेवी अशोक कुमार जायसवाल और पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रवि तरुण के प्रयास से शनिवार को सांड को पकड़कर पिकअप वाहन से चोपन स्थित बृहद पशु गौशाला भेजा गया।

मौके पर मौजूद पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रवि तरुण ने बताया कि उच्च अधिकारियों से टेलीफोनिक वार्ता के बाद सांड को सुरक्षित गौशाला भेजने की कार्रवाई की गई। वहीं प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि लगातार मिल रही शिकायतों और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया।

उन्होंने बताया कि थाना निरीक्षक शिवकुमार सिंह द्वारा भी सख्त निर्देश दिए गए थे कि सांड को जल्द से जल्द गौशाला भेजने की व्यवस्था की जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

समाजसेवी अशोक कुमार जायसवाल ने कहा कि सांड के आतंक से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था, लेकिन अब उसे गौशाला भेजे जाने से लोगों में राहत और सुरक्षा की भावना लौटी है।

इस दौरान टुनटुन गुप्ता, संतोष जायसवाल, राजाराम मद्धेशिया, सुजीत केसरी, सुरेंद्र कुमार, महेंद्र प्रसाद और राजेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

आवारा पशु बन रहे बड़ी समस्या

ग्रामीण इलाकों में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या किसानों और आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। कई जगह सड़क हादसे, फसलों का नुकसान और लोगों पर हमले जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है।

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