पेयजल आपूर्ति वाले गांवो का अधिकारियों की टीम बना कराये स्थलीय निरीक्षण: मण्डलायुक्त

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अमित मिश्रा

सीएम डैशबोर्ड समीक्षा में मण्डलायुक्त पेयजल आपूर्ति, गड्ढों की मरम्मत व जन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। हर घर को नल से जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के दौरान खोदे गए गड्ढों को भरते हुए सड़क की मरम्मत कार्य को बरसात से पूर्व करा लिया जाए। उक्त  निर्देश मण्डलायुक्त विन्ध्यांचल मण्डल राजेश प्रकाश ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत संचालित फ्लैगशिप कार्यक्रमों एवं जन शिकायतों के निस्तारण की गहन समीक्षा  के दौरान अधिकारियों को दिया।

बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं।

मण्डलायुक्त ने हर घर को नल से जल योजना की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से निर्देशित किया कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान जहां-जहां गड्ढे खोदे गए हैं, उनकी मरम्मत संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों एवं सड़कों की खराब स्थिति के कारण आमजन को होने वाली असुविधा को गंभीरता से लिया जाए तथा इसे शीघ्र ठीक कराया जाए।

उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है, वहां इसकी गुणवत्ता, नियमितता एवं प्रभावशीलता की जांच के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की जाए। यह टीम गांवों का स्थलीय भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि निरीक्षण के लिए जाने वाली टीम अपने भ्रमण कार्यक्रम की पूर्व सूचना संबंधित जनप्रतिनिधियों को अवश्य उपलब्ध कराए।

मण्डलायुक्त ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी, जिसमें अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), अधिशासी अभियन्ता जल निगम तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए और उसका त्वरित निस्तारण किया जाए।

बैठक में पेंशन योजनाओं की भी समीक्षा की गई, मण्डलायुक्त ने निर्देशत किया कि लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों की गंभीरता से जांच की जाए। यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि या कमी पाई जाती है, तो संबंधित आवेदक को तत्काल सूचित किया जाए, ताकि वह समय रहते सुधार कर सके और योजना का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मण्डलायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता एवं समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान प्रदान किया जाए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मण्डलायुक्त को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर सभी विभाग समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाएंगे और जन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।


इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे  रोहित यादव, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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