क्रय केंद्र पर छाते बांटकर जताया विरोध,एक हफ्ते में व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा बड़ा आंदोलन : संदीप मिश्रा

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अमित मिश्रा

O- सोनभद्र में गेहूं खरीद व्यवस्था पर किसानों का फूटा गुस्सा

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज स्थित सब्जी मंडी परिसर में संचालित गेहूं क्रय केंद्र पर शुक्रवार को किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। किसान-नौजवान संगठन के बैनर तले दर्जनों किसानों ने प्रदर्शन करते हुए अव्यवस्थाओं के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। किसानों ने एक-दूसरे को छाते बांटकर प्रशासनिक तैयारियों पर तंज कसा और कहा कि भीषण गर्मी में सरकार किसानों को न्यूनतम सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त बोरे जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लदा गेहूं घंटों तक केंद्र पर खड़ा रहता है, लेकिन खरीद प्रक्रिया बेहद धीमी और अव्यवस्थित है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसान-नौजवान समिति के संयोजक संदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि

“जिले के अधिकांश गेहूं क्रय केंद्रों पर शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की बात करती है, लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि किसान खुले आसमान के नीचे अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर हैं”।

संदीप मिश्रा ने “प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा”।

उन्होंने कहा, “सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है, लेकिन क्रय केंद्रों की हालत यह बताने के लिए काफी है कि किसानों के साथ कितना गंभीर व्यवहार हो रहा है। अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन जिले से निकलकर प्रदेश स्तर तक जाएगा।”

वहीं, क्रय केंद्र प्रभारी ने किसानों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक साथ बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने से व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है और सभी किसानों का गेहूं नियमानुसार खरीदा जाएगा।

प्रदेश में गेहूं खरीद का मुद्दा पहले भी कई बार राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। ऐसे में सोनभद्र से उठी किसानों की यह नाराजगी आने वाले दिनों में सरकार के लिए नई चुनौती बन सकती है।

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