सोनभद्र। रविवार को नगर स्थित एक लान परिसर मे जनपद के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए आज तीन दिवसीय ‘उत्तर क्षेत्र तीरंदाजी जज कार्यशाला’ (नार्थ जोन आर्चरी जजस वर्कशॉप ) का भव्य उद्घाटन किया गया। 08 मार्च से 10 मार्च तक चलने वाली इस कार्यशाला का आयोजन डिस्ट्रिक्ट आर्चरी एसोसिएशन सोनभद्र द्वारा आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ( एएआई ), यूपी आर्चरी एसोसिएशन और ओजीक्यू के सहयोग से किया जा रहा है।मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामसकल (पूर्व सांसद एवं अध्यक्ष, जिला तीरंदाजी संघ, सोनभद्र) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीरंदाजी के क्षेत्र में तकनीकी कौशल और नियमों की सटीक जानकारी होना अनिवार्य है। इस कार्यशाला से न केवल जजों की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि उत्तर भारत में तीरंदाजी के मानक भी ऊँचे होंगे।
अंतरराष्ट्रीय जज करेंगे प्रशिक्षण
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में बृजेश कुमार व रविंद्र शर्मा उपस्थित रहे। कुमार एक अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी जज हैं और शर्मा वर्तमान में आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएआई ) के ‘जज कमेटी’ के सक्रिय सदस्य हैं। ये दोनों प्रतिभागियों को तीरंदाजी के आधुनिक नियमों, स्कोरिंग प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय मानकों के बारीक पहलुओं से अवगत कराएंगे।
काश्मीर, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत के 49 प्रशिक्षार्थी ले रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का कुशल संचालन बलराम कृष्ण यादव ( महासचिव, डिस्ट्रिक्ट आर्चरी एसोसिएशन, सोनभद्र) द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए खेल के विकास में तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रवि भूषण सिंह, अमर बहादुर सिंह, विश्वास, मनोज कुमार सिंह, सत्यदेव प्रसाद, प्रियांक, राहुल, अनुपमा, रविना आदि उपस्थित रहे।







