म्योरपुर (सोनभद्र)। स्थानीय ब्लाक के गोविंदपुर स्थित सामाजिक संस्थान बनवासी सेवा आश्रम में सोमवार को जिला कृषि विज्ञान और कृषि विभाग की तरफ से जनपद स्तरीय सब मिशन आन एग्रीचलर एक्सटेंशन योजना के तहत दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। इस दौरान किसानों को खेती के माध्यम से आय बढ़ाने और बीजों के चयन, पूरक रोजगार के अवसर, जैविक खेती आदि पर कृषि विशेषज्ञों ने जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. बीएन यादव ने कहा कि खेती को घाटे से बचाना और मुनाफा के साथ स्वास्थ्य का ख्याल रखने योग्य बनाने के लिए एकल खेती के बजाय चावल, गेहूं के साथ मोटे अनाज पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कृषि विशेषज्ञ धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि ज्यादा रसायन का प्रयोग कैंसर का दरवाजा खोल रहा है, यह समस्या हरियाणा पंजाब में दिख रही है। मोटे अनाज उत्पादन का आह्वान वैज्ञानिकों ने करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के लिए अच्छा और 70 फीसदी पानी कम खपत से मोटे अनाज उगाए जा सकते हैं। शिव शरण सिंह ने जैविक खेती के प्रयोग और खर पतवार, गोबर, हड्डी से खाद बनाने की विस्तृत जानकारी दी। रेशम विभाग के एसडीओ पंकज सिंह ने खेती के साथ रेशम किट पालन से आय बढ़ाने की जानकारी दी। कार्यक्रम के संचालन कर रहे सहायक तकनीकी प्रबंधक रमेश कुमार ने किसान निधि योजना से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराया।






