छह महीने से मजदूरों की जेब खाली, कम्पनी बनी मूकदर्शक, फूटा आक्रोश

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अमित मिश्रा

दुसान कंपनी के श्रमिकों ने अपना दल (एस) नेता को सौंपा ज्ञापन, चेताया, दीपावली से पहले न मिला वेतन तो सड़कों पर उतरेंगे मजदूर

ओबरा ( सोनभद्र। विकास के नाम पर काम तो खूब हुआ, पर मजदूरों के पेट में करंट मार गया वेतन का इंतज़ार। दुसान कंपनी में कार्यरत दर्जनों मजदूरों का सब्र अब टूटने लगा है। रविवार को मजदूरों ने अपना दल (एस) युवा मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय नव निर्माण सेना ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द पटेल दयालु को ज्ञापन सौंपकर छह महीने से बकाया पड़े वेतन की गुहार लगाई।

मजदूरों ने बताया कि बीते छह माह से तनख्वाह का एक रुपया तक नहीं मिला, जिससे उनके घरों में चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। बच्चों की फीस नहीं भर पा रहे, घर में राशन खत्म हो गया और अब स्थिति यह है कि कई बार भूखे पेट सोना पड़ता है।

अपनादल एस के नेता ने कंपनी प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, जो मजदूर छह महीने बिना वेतन के भी डटे रहे, वो ही असली देश के निर्माता हैं। अगर दीपावली तक इन्हें उनका हक़ नहीं मिला, तो हम सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिम्मेदारी कम्पनी की होगी।

उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) का उद्देश्य आम आदमी और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है, और किसी भी कीमत पर मजदूरों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से किशन सिंह, अशोक कुमार मिश्रा, राजेश कुमार यादव, कपिल यादव, शशिकांत राय, दीपू कुमार, सतविंदर सिंह मेहता, अभिषेक शर्मा, रमेश यादव, मुकेश कुमार, बैजनाथ, विष्णु शंकर शर्मा और रितेश कुमार शामिल रहे।

गांव के लोग अब यही सवाल पूछ रहे हैं, जब मशीनें चल रही हैं तो मजदूरों के घरों में अंधेरा क्यों?
अब नज़रें इस बात पर हैं कि क्या दीपावली से पहले मजदूरों के घर में भी रोशनी लौटेगी या फिर वादों की बाती फिर से बुझ जाएगी। 💡

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