अमित मिश्रा
ट्रको से होने वाले कोयला परिवहन पर लगेगी रोक, बिजली लागत में आयेगी कमी
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण बिजली परियोजना ओबरा सी के बैगन ट्रिपलर का सफल परीक्षण गुरूवार को किया गया। इसकी सारी औपचारिकताओ को पूरी करने के बाद एक दो दिन के भीतर ओबरा सी परियोजना को कोयला की आपूर्ति बैगन ट्रिपलर से होने लगेगा। जिससे ओबरा सी परियोजना को निर्बाध रूप से कोयले की आपूर्ति होने लगेगा।
बता दें कि इसके पूर्व परियोजना को स्टेकर रिक्लेमर से कोयला की आपूर्ति का परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इतना ही नही स्टेकर रिक्लेमर तक कोयला ट्रको से पहुचाया जाता था जिससे बिजली की लागत भी बढ जा रही थी। किसी परियोजना में कोयला की आपूर्ति के लिये बैगन ट्रिपलर लगाये जाते है । जब रेलवे के रैक से कोयला किसी भी परियोजना पहुचायी जाती है तो उसे खाली करने के लिये बैगन ट्रिपलर का सहारा लिया जाता है। यह बैगन ट्रिपलर रैक के डिब्बो को स्वचलित ढग से उसे पलट देता है और रेलवे को डिब्बा पलक झपकते ही खाली हो जाता है।
इस दौरान महाप्रबन्धक ओबरा सी एसके सिंघल, उप महाप्रबन्धक राजेश्वर प्रसाद, अधिशासी अभियन्ता मेहदी हसन, दूसान के महाप्रबन्धक डीजी सिन, उप महाप्रबन्धक ह्यून याग, जीएम कमीशनिग जीयू ह्यन ली, मैनेजर इ अरून मेहता, इ नीरज कुमार, इ अमित कुमार, इ शुभम दीक्षित पंकज वर्मा , रघुनाथ आदि मौजूद रहे।







