केन्द्रीय कोयला मंत्री से मिला उर्जान्चल जन कल्याण समिति का प्रतिनिधि मण्डल

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

एनसीएल से विस्थापितों की समस्या से कराया अवगत

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में एनसीएल की सीबी एक्ट के तहत अधिग्रहित सरप्लस जमीनो के दिनोटिफिकेशन न हो पाने से जनता को हो रही परेशानियों से ऊर्जांचल जन कल्याण समिति का एक प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय कोयला मंत्री से उनके आवास पर मिलकर अवगत कराया। 

समिति के महामंत्री केसी जैन और अध्यक्ष आरडी सिंह ने कोयला मंत्री को बताया गया कि एनसीएल सीबी एक्ट में अधिग्रहित जमीनों का न तो पुर्नवास लाभ दिया गया और न ही किसी प्रकार का प्रतिकर। महज सीबी एक्ट में नोटिफिकेशन के कारण यह जमीने अभिलेखों में एनसीएल के नाम दर्ज करा दी गयी। नतीजतन एक मार्च 1982 को औडी ,ककरी और परासी की कुल 412.60 एकड़ तथा सात नवम्बर 1981 को कोहरौल,कोहरोलिया,मर्रक,मिसिरा और भैरवा की कुल 305 .65 एकड़ जमीनों पर बसे बाशिन्दों के नाम अभिलेखों में दर्ज नही हो पा रहे। जिसके कारण खरीद फरोख्त कर नही कर पा रहे है और न ही मकान आदि के मानचित्र ही स्वीकृत हो पाते है। क्षेत्र का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

कोयला मंत्री ने इस प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करने के अपने सचिव को निर्देश देते हुए प्रतिनिधिमंडल को अतिशीघ्र राहत दिलाने का अश्वासन दिया। इससे पूर्व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह  से भी प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की और उन्हे ऊर्जांचल की हाइवे-39 के चौड़ीकरण न होने से जाम और दुर्घटनाओं की समस्याओं व डिनोटिफिकेशन के प्रकरण से अवगत करा अपने प्रभाव से उसका निस्तारण कराने की बात रखी। जिस पर रक्षा मंत्री ने तत्काल कोयला मंत्री से डिनोटिफिकेशन कराने का अनुरोघ किया। हाइवे चौड़ीकरण के लिए चेयरमैन नेशनल हाइवे अथारिटी से भी बात की ।

इस दौरान उप्र अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष आरजी खण्डेलवाल,जगदीश बैसवार,अतुल शाह, ओपी मालवीय के साथ रामनरेश पासवान मौजूद रहे।

Leave a Comment

1410
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?