विशेषरपुर गांव में टूटी पुलिया बनी ग्रामीणों की मुसीबत, आवागमन ठप, प्रशासन बेखबर – ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील अंतर्गत विशेषरपुर गांव के पास कूड़ा राजवाहा नहर पर बनी पुलिया दो दिन पहले अचानक भरभराकर गिर गई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर घटना के बाद भी न तो सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही तहसील प्रशासन ने कोई सुध ली।

पुलिया टूटने के कारण ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल जाने वाले मरीजों और खेतों की ओर जाने वाले किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल एक टूटे ढांचे की नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता की प्रतीक बन गई है।

मंगलवार को जब स्थिति असहनीय हो गई, तो गांव के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अवधेश कुमार भारती (जिला उपाध्यक्ष, ASP) और रामचंद्र राम (जिला संरक्षक, भीम आर्मी भारत एकता मिशन) ने किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा, “यह सिर्फ पुलिया नहीं टूटी है, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी भी गिर चुकी है। क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है?”

प्रदर्शन में रामविलास, विकास, गणेश नेता, रमाशंकर पाल, गोविंद पाल, सोनू यादव, नीतिश, मनीष पाल, धर्मराज पाल, कन्हैया पाल, राजेंद्र बनवासी, बुद्धिराम, बलिराम, भोनू बनवासी, बाबूलाल, अमरनाथ, संतोष सेठ, विजय पाल, दिलीप पाल, सुनील बनवासी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

गांव वालों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक पुलिया का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। यदि प्रशासन और विभाग ने इस बार भी आंखें मूंदे रखीं, तो वे जिला मुख्यालय तक मार्च करेंगे। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि यदि इस दौरान कोई हादसा होता है, तो

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