अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षकों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य चिकित्साधिकारी ने शिक्षकों को बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है कि शिक्षको को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को समझने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार करना है।
उन्होने कहा की अभिभावक के बाद शिक्षक ही वह व्यक्ति है जो बच्चों के विषय में सबसे बेहतर समझ रखता है तथा वह स्कूलों में छात्रों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, वे न केवल छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान कर सकते है बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता भी प्रदान कर सकते है।
शिक्षक छात्रों को स्वस्थ्य आदतें जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, यौन स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर स्कूल स्वास्थ्य गतिविधियां आयोजित कर छात्रों को मानसिक समस्याओं से बेहतर ढंग से निपटने हेतु उनका कौशल विकास एवं क्षमतावर्धन कर सकता है। उन्होने बताया कि हर उम्र के व्यक्तियों के लिए भारत सरकार द्वारा टेलीमानस हेल्पलाइन नम्बर (टोल फ्री) 14416 24×7 संचालित है, जिस पर प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता द्वारा विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्यायें जैसे उदास मन, काम में मन न लगना, निराशा के भाव, नींद न आना, आत्महत्या के विचार आना, नशे की लत, मोबाइल की लत, चिड़चिड़ापरन, घबराहट, मन में उत्साह की कमी, एकाग्रता की कमी, हीन भावना, तनाव इत्यादि समस्याओं हेतु सहायता प्राप्त किया जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व नोडल डा० गुलाब शंकर यादव द्वारा शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन और छात्रों के साथ प्रभारी संवाद के तरिकों के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा शिक्षकों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए विभिन्न रणनीतियों और तकनिकों के बारे में भी बताया गया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न माध्यमिक स्कूलों से कुल 24 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।







