चंद्रगुप्त मौर्य इंटर कालेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य पर एफआईआर दर्ज करने का कोर्ट ने दिया आदेश

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अमित मिश्रा

प्रबन्ध समिति के चुनाव में फर्जी मतदाता सूची का मामला

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में चंद्रगुप्त मौर्य इंटरमीडिएट कालेज मधुपुर के प्रबन्ध कमेटी की फर्जी मतदाता सूची तैयार करके अनुमोदन मामले मे प्रबंध सोसाइटी अध्यक्ष उदय नाथ सिंह द्वारा अधिवक्ता विकास शाक्य के जरिए प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक यादव ने दयाशंकर सिंह प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

समिति चंद्रगुप्त मौर्य इंटरमीडिएट कालेज मधुपुर के प्रबंध समिति के अध्यक्ष उदयनाथ सिंह तथा सरनाथ यादव उप प्रबंधक,धर्मु कोषाध्यक्ष, श्री लाल, रामराज सिंह, राम आधार सिंह, भगवान दास, केशनाथ, नन्हकू सिंह, रामप्रसाद सिंह सदस्य हैं। कॉलेज के प्रशासन योजना के अनुसार प्रबंधक सदस्यता का प्रकरण प्रबंध समिति में विचार हेतु रखे जाने का विधान है, जिसे सदस्यता स्वीकार अथवा आस्वीकार करने का अधिकार प्राप्त है। नए मतदाता सूची के अंतिम निस्तारण के पश्चात ही प्रबंधन चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो सकती थी परंतु उदयनाथ सिंह, सरनाथ यादव, रामराज सिंह, नन्हकू, धरमू,रामप्रसाद सिंह, भगवान दास, केशनाथ सिंह, राम आधार सिंह तथा लाल सिंह कुशवाहा ने शपथ पत्र देकर सहायक निबंधक फर्म सोसायटी एवं चिट फंड कार्यालय वाराणसी से सो0 प0 अधि0 की धारा 4 (ख) मे नई मतदाता सूची का पंजीकरण कर लेने को फर्जी होना बताया था।

इस मामले में चिट फण्ड कार्यालय कार्यवाही प्रारंभ कर दी। इधर प्रबंधक नई मतदाता सूची जिसे फर्जी बिना समिति के स्वीकृत ही पुष्ट करने का आरोप लगाया था। उस विवादित मतदाता सूची पर प्रबंधन का चुनाव कराने पर अड़ गये परंतु भारी विरोध के बाद चुनाव संपन्न नहीं हो सका। इसके बाद प्रबंधक दया शंकर सिंह द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका संख्या 40032/2024 दाखिल कर दिए, जिस पर प्रकरण को सहायक निबंधक फर्म्स सोसाइटीज एवं चीट्स वाराणसी स्तर पर निस्तारण करने का आदेश 31 दिसम्बर 2024  को दिया। 

उच्च न्यायालय के आदेश 13 जून 2025 को बनाए गए सभी नए सदस्यों की सूची में उल्लिखित सदस्यों को विधि मान्य ना पाए जाने के कारण निरस्त कर दिया गया। मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष समस्त मामले को उठाया गया और आदेश की प्रति प्रस्तुत करते हुये अधिवक्ता विकास शाक्य एवं रामचंद्र सिंह के बातों को सुनने और पत्रावली पर प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य के कुचरचना के प्रपत्रों के अवलोकन के पश्चात थाना रावर्ट्सगंज को आदेशित किया है कि आरोपियों के विरुद्ध मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना किया जाए।

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