श्रीमद्भागवत कथा श्रवण मात्र से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते है:आचार्य मनोहर

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अमित मिश्रा

कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। श्री राम जानकी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य मनोहर कृष्ण महाराज के द्वारा कथा प्रारंभ की गई। कथा के अंतर्गत श्रीमद् भागवत महात्मा का विस्तार से वर्णन किया धुंधकारी जैसे भयंकर प्रेत योनि को प्राप्त कर गए गोकर्ण जी के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कराकर मोक्ष प्रदान करें।

ज्ञान वैराग्य का दुख दूर हुआ श्रीमद् भागवत कथा श्रवण मात्र से हमारे जन्म-जन्म अंतर के पाप नष्ट हो जाते हैं धुंधकारी करने के बाद भयंकर प्रेत योनि को प्राप्त किया गोकर्ण जी ने कथा सुनाई और मोक्ष हो गया। हम और आप यदि स्वयं बैठकर के श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करें तो क्या हम मोक्ष प्राप्त नहीं करेंगे अवश्य करेंगे। भगवान की कृपा हमारे ऊपर जरूर होगी आगे चलते हुए भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए सृष्टि विस्तार का वर्णन किया। श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ होने से पहले पूरे नगर में भव्य कलश यात्रा निकल गई जिसमे भक्तों ने बढ़ चढ़कर के हिस्सा लिया।

इस मौके पर ओमप्रकाश पाठक, महेंद्र प्रसाद शुक्ला, आशुतोष पाठक, अजीत शुक्ला दिनेश धर दुबे,बीरबल गुप्ता सत्यनारायण , लक्ष्मी नारायण , प्रेमकांत,  नितेश सिंह आदि मौजूद रहे।

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