निराकार शिव ही सृष्टि की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना के मूल है:ब्रह्मकुमारी सुमन बहन

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। ब्रह्माकुमारीज संस्था की सुमन बहन ने बताया कि महाशिवरात्रि परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण तथा आदि सनातन दैवी संस्कृति का महापर्व है। ओम शांति महामंत्र है जो जीवन की सारी समस्याओं को सुलझाये महाशिवरात्रि के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा निकाली गई चैतन्य झांकी के माध्यम से विश्व शांति और सद्भावना का महामंत्र आज पूरे विश्व मे गूंज रहा है। 

महाशिवरात्रि के अवसर पर आज सोनभद्र नगर में सर्व मनुष्य आत्माओं की चैतन्य झांकी निकाली गई, जिसमे देव,(ईसामसीह) दीप,(गुरुनानक ) शौर्य(ब्रह्माकुमार ), आयुष्मान,(मुस्लिम ) वैभव ने (श्रीराम )रिशु पंडित मनमोहक स्वरूप में सजे लोगो के आकर्षण के केंद्र रहे।


सर्व मनुष्य आत्माओं का परमपिता परमात्मा एक ही निराकार चैतन्य ज्योति बिंदु स्वरूप शिव एक ही है इसलिए भारतीय संस्कृति सनातन है। निराकार शिव ही सृष्टि की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना के मूल है। वर्तमान अधर्म और अज्ञानता से मुक्त कर निकट भविष्य में संपूर्ण विश्व में आदि सनातन दैवीय संस्कृति की पुनर्स्थापना कराने वाले परमात्मा शिव को ही अनेक गुणवाचक नाम जैसे अल्लाह – नूर तथा गॉड इज लाइट इत्यादि सम्बोधनों से अलंकृत किया जाता है।

नवयुग की पुनर्स्थापना का दिव्य कर्तव्य स्वयं निराकार परमात्मा शिव मानवीय माध्यम के द्वारा करा रहे हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर अपनी मानवीय कमजोरी को छोड़कर सनातन संस्कृति के उत्कर्ष में सहयोग करके अपना श्रेष्ठ भाग्य बनाना है । ब्रह्माकुमारीज संस्था की सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सुमन बहन ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व स्वयं को पांच महाविकारों से मुक्त कर जीवनमुक्ति का अनुभव करने का महापर्व है। परमात्मा शिव का सर्व मनुष्यात्माओ के लिए यह दिव्य संदेश है कि अति निकट भविष्य में सृष्टि का महापरिवर्तन होगा तथा आदि सनातन दैवी संस्कृति की पुनर्स्थापना होने वाली है।


महाशिवरात्रि के अवसर पर पर्चा वितरित कर संदेश दिया गया तथा लोगों से दिव्य और भारत के नवनिर्माण में सहयोग करने के लिए बुराइयों को छोड़कर भारत को विश्वगुरु के सर्वोच्च पद पर प्रतिष्ठित करने का आह्वाहन किया गया।

कार्यक्रम में पूरे जनपद से पधारे संस्था तक सदस्य तथा गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके, प्रतिभा बहन ,सीता बहन ,सरोज बहन दीपशिखा बहन ,कविता बहन, ललिता बहन,पूजा बहन,डॉ हरीन्द्र भाई, गोपाल भाई ,राजीव शुक्ला, अवधेश धर दुबे इत्यादि ने सक्रिय सहयोग दिया। शांति मार्च यात्रा का शहर में समाजसेवी डॉ अनुपमा, डॉ संजय सिंह, विजय कुमार सहित संस्था जुड़े सदस्यों द्वारा स्वागत किया गया।

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