अमित मिश्रा
सार्वजनिक क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना भूल गई योगी सरकार
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा बिजली के निजीकरण प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारणी सदस्य कामरेड आरके शर्मा ने कहा कि सरकार के इस कदम से न केवल 50 हजार से अधिक संविदा कर्मियों की नौकरीयां जा रही है बल्कि पहले से मंहगाई और बेरोजगारी का दंश झेल रहे प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को और महंगी बिजली से भी सामना करना पड़ेगा।
कामरेड शर्मा ने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है की प्रदेश की सरकार जहां सरकारी विभागों में नई भर्तियां नहीं कर रही है वहीं दूसरी तरफ पहले से काम कर रहे संविदा कर्मियों की नौकरी छीन रही है , इन 50 हजार से अधिक संविदा कर्मियो के बेरोजगार होने से इनके परिवारों के सामने आजिविका का संकट खड़ा हो जाएगा । यह सरकार की नाकामी का एक उदाहरण है, जो रोजगार सृजन करने के बजाय लोगों को बेरोजगार कर रही है। बिजली के निजीकरण से राज्य की जनता के उपर और आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बिजली के निजीकरण के खिलाफ है और निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध करती है।






