विशेष कैम्प लगाकर ई-रिक्शा/ई-कार्ट के दर्जनों चालकों ने किया ड्राईविंग लाइसेंस का आवेदन।

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अमित मिश्रा

बगैर डीएल पाए जाने पर होगी कार्रवाई, ई-रिक्शा चालकों के लिए डीएल जरूरी : एआरटीओ

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में ई-रिक्शा/ई-कार्ट चालकों के लाइसेंस बनवाने के लिए विशेष कैम्प का आयोजन किया गया । विशेष कैम्प के आयोजन मे दर्जनों चालकों ने ई-रिक्शा/ई-कार्ट लाइसेंस के लिए आवेदन किया । विशेष कैम्प में जनपद के करीब सैकड़ों चालक मौजूद रहे । एआरटीओ प्रशासन धनवीर यादव ने चालकों को यातायात के नियमों को विस्तार से बताया, सभी चालको को लाइसेंस अनिवार्य है । जनपद में अभी तक एक भी ई-रिक्शा/ई-कार्ट का लाइसेंस नहीं बना है। लाइसेंस न होने की वजह से उनके वाहन चालान, सीज जैसी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने बताया कि लाइसेंस न होने की वजह से दुर्घटना होने पर इंसोरेंस का लाभ नहीं मिल सकता है। इस लिए एम परिवहन सारथी साइड पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

ई-रिक्शा व ई-कार्ट के चालक सरकारी फीस जमा कर अपना आवेदन कर सकते है। एआरटीओ प्रवर्तन राजेश्वर यादव ने कहा कि ई-रिक्शा/ई-कार्ट चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है। शासन से यातायात माह के अन्तर्गत ई-रिक्शा/ई-कार्ट चालकों को लाइसेंस के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बता दें कि जनपद में 1224 रजिस्टर्ड ई-रिक्शा व 71 ई-कार्ट पंजीकृत है। मोटर वाहन निरीक्षक आलोक कुमार यादव ने बताया कि चालकों के लाइसेंस के साथ उनके वाहन का पंजीकरण भी अनिवार्य है। इसके अलावा जिन वाहन का फिटनेस नहीं है वह अपना फिटनेस भी करा लें। उन्होंने बताया कि 6 नवंबर से 5 फरवरी तक एक मुश्त समाधान योजना के अन्तर्गत टैक्स के पेनाल्टी में शत प्रतिशत लाभ मिलेगा। शासन से आयी इस योजना का लाभ वाहन स्वामी ले सकता है। कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रभारी अविनाश सिंह, वरिष्ठ लिपिक ललित नरायण त्रिपाठी, विनोद सोनकर, डीवीए अनूप सिंह, सारथी युगलेश पाण्डेय, राजू सिंह, विजय पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

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