धरती आवक योजना के तहत जनपद के 176 जनजाति गांवो का होगा सर्वांगीण विकास:असीम अरुण

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनजाति गौरव दिवस का भव्य तरीके से आयोजन जनपद में सलखन स्थित रामलीला मैदान में हुआ जिसमें सूबे के छह मंत्रीगण उपस्थित होकर भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन चित्रण और देश की स्वतंत्रता में भगवान बिरसा मुण्डा के संघर्षों पर प्रकाश डाला तो वही वनवासी व आदिवासी समाज के लोगों को चिरौली व महुआ पौधे का वितरण किया गया।

जनजाति गौरव दिवस के मौके पर प्रदेश सरकार के जल शक्ति विभाग के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह , स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल , समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण , वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ0 अरुण कुमार , समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गौंड़ , जीत सिंह खरवार अनुसूचित जनजाति आयोग उपाध्यक्ष,भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, संजय गोंड़ प्रदेश अध्यक्ष जनजाति मोर्चा, रामसकल  पूर्व राज्य सभा सांसद द्वारा दीप प्रज्जवलन व बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस मौके पर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उपस्थित जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों को विकास की मुख्य धारा में मिलाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की गयी है, जिससे अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों का चैमुखी विकास हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अन्तर्गत गरीब महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है और निःशुल्क राशन का वितरण भी किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी बेहतर हो गयी है कि कोई भी महिला लकड़ी आदिवासी समाज की रात 12 बजे कहीं पर आ-जा सकतीं हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज्य स्थापित है, लोगों को विद्युत आपूर्ति की भी बेहतर सुविधा मिल रही है।

भगवान बिरसा मुण्डा ने देश को आजाद कराने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ कठिन संघर्ष कर आदिवासी समाज के लोगों के हक व उत्थान के लिए निरन्तर प्रयासरत रहें। बिरसा मुण्डा की जयंती को आज गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, जनजाति समाज के लोगों का देश के आजादी में काफी कठिन संघर्ष करते हुए देश को आजाद कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायें हैं।

इस दौरान प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने उपस्थित जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हर घर को नल से जल की सुविधा उपलब्ध हो रही है। वनवासी आदिवासी क्षेत्रों में पीने की पानी की बहुत बड़ी समस्या थी, जिसका निराकरण हर घर को नल से जल योजना के माध्यम से किया जा रहा है।

भगवान बिरसा मुण्डा ने 25 वर्ष की उम्र में ही कठिन संघर्ष प्रारंभ कर दिये थे और अंग्रेजों से लड़ाई लड़कर देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उन्होंने कहा कि आदवासी, वनवासी क्षेत्रों में निवास करने वाले व्यक्ति जंगल के क्षेत्रों में महुआ, चिरौजी आदि का पौधा लगाकर पौधे के फल का उपयोग कर सकते हैं और उसके फलों को तोड़कर खा सकते हैं, जिसके लिए इन्हें वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करनी पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के व्यक्तियों के जमीन पर यदि किसी प्रकार की कब्जे की शिकायत प्राप्त होती है, तो पुलिस विभाग जाॅच कर दोषी के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें।


इस दौरान  मंत्री समाज कल्याण विभाग असीम अरुण  ने उपस्थित जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने 25 वर्ष की उम्र में ही काफी संघर्ष किये, बिरसा मुण्डा की जयंती को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व के कारण ही अब देश में रहने वाले अति पिछड़े समाज के लोगों को मुख्य धारा में जोड़ा जा रहा है। जनजाति समाज के विकास के लिए धरती आवक योजना के माध्यम से जनपद के 176 गांवों को चिन्हित किया गया है, जो जनजाति बाहुल्य ग्राम पंचायत हैं, इन ग्राम पंचायतों को केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सम्पूर्ण योजनाओं से संतृप्त किया जायेगा।


इस अवसर पर वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने उपस्थित जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने आदिवासी स्वतंत्रा सेनानी थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कठिन संघर्ष किया और अंग्रेजों के खिलाफ आन्दोलन को चलायें व धार्मिक नेता के साथ ही लोक नायक भी थे।

उन्होंने आदिवासी समाज के लिए कठिन संघर्ष किया, उनकी 185वीं जयंती के अवसर पर जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जा रहा था, उन्होंने कहा कि वनवासी समाज के लोग वन क्षेत्रों में चिरौजी, महुआ का पेड़ लगायें और उससे होने वाले उत्पाद की बिक्री कर अपनी आय को बढ़ाते हुए अपने उपयोग में भी लायें।

उन्होंने कहा कि आदिवासी, वनवासी समाज के लोगों के खिलाफ यदि वन विभाग के किसी अधिकारी व कर्मचारी द्वारा गलत तरीके से परेशान किये जाने की शिकायत प्राप्त होती है, तो उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

इस मौक पर मंत्री समाज कल्याण कल्याण विभाग संजीव कुमार गौंड़ ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश व प्रदेश का चौमुखी विकास हो रहा है और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों को मुख्य धारा में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है और जनजाति समुदाय विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

इस मौके पर मंत्रीगणों द्वारा संयुक्त रूप से वनवासी, आदिवासी लोगों को चिरौजी व महुआ के पौधों का वितरण भी किया गया।

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