म्योरपुर में चला रोजगार अधिकार अभियान

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अमित मिश्रा

0 नीतियों में बदलाव से दिया जा सकता है रोजगार

0 10 नवंबर दिल्ली सम्मेलन की तैयारी में व्यापक संवाद

म्योरपुर (सोनभद्र)। रोजगार अधिकार अभियान के 10 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रचार के लिए म्योरपुर के विभिन्न गांवों और म्योरपुर बाजार, आश्रम मोड बाजार पर बड़े पैमाने पर संवाद किया गया। संवाद के दौरान आमतौर पर व्यापारियों ने बताया कि भीषण महंगाई के कारण उनका व्यवसाय बेहद संकट के दौर से गुजर रहा है। लोगों की आमदनी घट रही है जिससे उनकी क्रयशक्ति में भारी गिरावट आई है। ग्रामीणों ने बताया कि बेरोजगारी और भीषण महंगाई ने उनकी जिंदगी को तबाह कर दिया है।
अभियान के नेताओं ने कहा कि देश के हर नागरिक को रोजगार दिया जा सकता है बशर्ते सरकार नीतियों में बदलाव करने के लिए तैयार हो। अगर देश के सुपर रिच की संपत्ति पर मात्र दो प्रतिशत संपत्ति कर और 30 प्रतिशत विरासत कर लगाया जाए तो 48 लाख करोड़ के केंद्र सरकार के मौजूदा बजट के अलावा 15 से 20 लाख करोड रुपए इकट्ठा किया जा सकता है। इस पूंजी से देश के हर नागरिक को रोजगार, मुफ्त और बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य, भरपेट भोजन का अधिकार, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और वृद्धावस्था में सम्मानजनक पेंशन की गारंटी की जा सकती है।
अभियान की टीम ने विभिन्न विद्यालयों में अध्यापकों से और छात्रों से भी मुलाकात की और निजी डिग्री कॉलेज में भी प्रचार अभियान को चलाया। युवाओं ने कहा कि आदिवासी समाज की बच्चियों पढ़ना चाहती हैं, राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहती हैं, समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं लेकिन लड़कियों के लिए डिग्री कॉलेज ना होने के कारण उन्हें मजबूरी में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। आने वाले समय में म्योरपुर में आदिवासी महिला डिग्री कॉलेज खोलने के सवाल पर एक बड़ा अभियान संचालित किया जाएगा।
अभियान में युवा मंच की जिला अध्यक्ष रूबी सिंह गोंड, जिला संयोजक सविता गोंड, ओबरा डिग्री कॉलेज की छात्र नेता गुंजा गोंड, सुगवंती गोंड, प्रशांत शुक्ला, इंद्रदेव खरवार, राजकुमारी गोंड, जुगनू गोंड, पूजा यादव आदि लोग मौजूद रहे।

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