अमित मिश्रा
विश्व रैबीज दिवस 2025 के अवसर पर जूनोटिक समिति की समन्वय बैठक का आयोजन
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। विश्व रैबीज दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में जूनोटिक समिति की समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, आपदा विभाग, नगर निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ ही आईएमएस के प्रतिनिधि व स्वाथ्य विभाग के सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा वर्ल्ड रैबीज दिवस मनाये जाने के दृष्टिगत जूनोटिक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु पशु चिकित्सा, वन्यजीव क्षेत्र और विभिन्न प्रासंगिक हितधारकों के बीच अंतर क्षेत्रीय समवन्य को मजबूत करने एवं समुदाय के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए प्रचार-प्रसार कराने पर प्रकाश डाला गया।
जिला सर्विलांस अधिकारी डा० प्रेमनाथ द्वारा रैबीज रोग के प्रसार एवं रोकथाम पर गंभीरता से प्रकाश डाला गया। उनके द्वारा बताया गया कि विश्व में लगभग 59000 व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित होकर मरते हैं। जनपद में वर्ष 2023 में जानवरों से काटे गये व्यक्तियों की संख्या 12259 तथा वर्ष 2024 में 15254 व अगस्त 2025 तक 16672 पायी गयी। इसका मुख्य कारण आवारा कुत्तों की संख्या में बढ़ोत्तरी, शहरीकरण, जंगलों की कटायी, जानवरों का व्यापार, खराब पशु नियंत्रण व जनजागरूकता में कमी हो सकती है। पशु चिकित्सा विभाग से अपेक्षा की गयी कि आम नागरिकों को कुत्ते के काटने से बचाने हेतु कुत्तों का टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। समुदायों में संदिग्ध पागल कुत्तों को पकड़ने के लिए निगरानी प्रणाली बढ़ाना। कुत्ते के काटने की रोकथाम पर जनता को शिक्षित करने के लिए प्रचार-प्रसार कराना। माना जाता है कि जंगली जानवर पागल होते हैं और मनुष्यों में रैबीज संक्रमण फैला सकते हैं। वही कृषि विभाग से अपेक्षा की गयी कि स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से रैबीज जैसी जुनोटिक बीमारी को रोकने के तरीकों के बारे में चौपालों के माध्यम से किसानों को जागरूक करें, जिससे जूनोटिक रोगों पर नियंत्रण पाया जा सके।
बैठक में समिति के सदस्यों के अतिरिक्त डा० पंकज राय, डा० गुलाब शंकर, डा० प्रेमनाथ अपर मु०चि०अ०, के साथ ही डा० वरूणानिधि पैथालॉजिस्ट, डा० प्रशान्त पाल, फिजिशियन, डा० ऋषिमणी त्रिपाठी, प्र०चि०अ० ईएस०आई० रेनुकूट, धर्मेन्द्र नारायण डी०एम०ओ०, आशीष कुमार, डी०डी०एम० व रवि प्रकाश श्रीवास्तव डी०ई०ओ० उपस्थित थे। डा० गुलाब शंकर, अपर मु०चि०अ० द्वारा बैठक में आये समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद देते हुए बैठक का समापन किया गया ।






