सरकारी विद्यालयो की समस्याओं का विभागीय समन्वय बना करे समाधान: जिलाधिकारी

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सरकारी विद्यालयों की समस्याएं लंबित न रहें, विभागीय समन्वय से समयबद्ध समाधान कराएं जाए। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में शिक्षा व्यवस्था एवं विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कही। इसके साथ ही कहा कि खण्ड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों से रखें नियमित संवाद, विद्यालय स्तर की समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही करे। वही डीएमएफ फंड से कराए जा रहे कार्यों का सत्यापन होगा इसलिए गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखा जाय।

विद्युतीकरण से वंचित विद्यालयों में प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए विद्युत सुविधा

विद्यालयों में विद्युत सुविधा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए आवश्यक कार्यवाही पूरी की जाए। विद्यालयों में बिजली सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे बच्चों को बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित योजनाओं, विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं एवं कराए जा रहे विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय स्तर पर आने वाली समस्याओं की समय से पहचान और उनका विभागीय समन्वय से समाधान बेहद जरूरी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विद्यालय में मूलभूत सुविधा अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो संबंधित शिक्षक उसे अपने स्तर तक सीमित न रखें। तत्काल अपने उच्चाधिकारी के संज्ञान में लाएं, ताकि समयबद्ध कार्यवाही करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्र के शिक्षकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें और विद्यालयों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेकर उनके समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि बच्चों एवं शिक्षकों के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए विद्यालय तक बेहतर पहुंच मार्ग का होना आवश्यक है। इस दिशा में संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

डीएमएफ फंड के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष नजर

जिलाधिकारी ने डीएमएफ फंड से विद्यालयों में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन कार्यों का स्थलीय सत्यापन कराने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जाए। कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विद्यालय, ब्लॉक, तहसील एवं जनपद स्तर पर प्रभावी समन्वय जरूरी है। विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं को समय से संज्ञान में लेकर उनका व्यावहारिक और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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