अमित मिश्रा
सोनभद्र (सोनभद्र) । घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बघोर-गौरही गांव में किसानों की समस्याओं और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को लेकर किसान पंचायत का आयोजन किया गया। अन्नदाताओं के आह्वान पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में बघोर पहुंचा। पंचायत में किसानों ने अपनी जमीन, आजीविका और भविष्य से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा।
किसान पंचायत को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि “अन्नदाताओं का अनादर किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि यदि विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगल और उपजाऊ जमीन प्रभावित होती है तो उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनपद में करीब चार हजार हेक्टेयर जंगल की जमीन और 2,019 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों की सहमति, उनकी आजीविका और भविष्य को नजरअंदाज कर विकास की कोई भी योजना आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
मोर्चा संयोजक ने सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से आग्रह किया कि वे स्वयं गांव में चौपाल लगाकर किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनें तथा प्रस्तावित परियोजना को लेकर उनकी आशंकाओं और आपत्तियों को समझें।
पंचायत में किसानों ने भी अपनी जमीन को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखा। किसान संतोष सिंह ने कहा, “हम जान दे देंगे, पर जमीन नहीं देंगे।” वहीं किसान कमलेश कुमार ने कहा, “जमीन हमारी माता है, माता का सौदा हमें नहीं आता।”
बघोर निवासी रामप्रवेश सिंह ने कहा कि किसान अपनी आजीविका का साधन किसी को नहीं देना चाहते। पंचायत में मौजूद किसानों ने एक स्वर में कहा कि उनकी नजर में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे उनके हित में नहीं है और जमीन अधिग्रहण से पहले किसानों की बात सुनी जानी चाहिए।

किसान पंचायत का संचालन किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम में रामप्रवेश सिंह, संतोष सिंह, मनोज कुमार, अमित जायसवाल, मृत्युंजय कुशवाहा, राजेश मौर्य, कमलेश मौर्य समेत बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।






