झोलाछापों की लापरवाही से गई महिला की जान

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सी एस पाण्डेय

बभनी क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे फर्जी अस्पताल, विभाग सो रहा चैन की नींद

बभनी (सोनभद्र) । थाने के समीप संचालित एक निजी क्लिनिक की मनमानी और चिकित्सीय लापरवाही ने एक महिला की जान ले ली। 28 वर्षीय मीना देवी पत्नी सोनू कुमार, निवासी बडहोर, मामूली पैर की समस्या को लेकर इलाज कराने पहुंचीं, लेकिन झोलाछाप डॉक्टरों ने उन्हें नस दबने की बीमारी बताकर सीधे ब्रेन ऑपरेशन तक की राह दिखा दी।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक लगातार उन पर दबाव बनाता रहा और लाखों रुपये ऐंठने के बाद इलाज के नाम पर 22 अगस्त की रात महिला को बनारस ले जाकर ऑपरेशन करवा दिया। ऑपरेशन के दौरान ही मीना देवी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों के हवाले करने के बजाय शव को एम्बुलेंस से गांव भेज दिया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को घंटों रोके रखा और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। इसी दौरान अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया।

ग्रामीणों का कहना है कि बभनी क्षेत्र में कई निजी अस्पताल होम्योपैथी का बोर्ड लगाकर खुलेआम एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और मरीजों को इलाज के नाम पर ठगा जा रहा है। आए दिन ऐसे मामलों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी और कार्रवाई से परहेज लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है।

परिजनों की मांग है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और आर्थिक मदद दी जाए। वहीं, पूछे जाने पर अधीक्षक डॉ. राजन सिंह ने मामले की जानकारी न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।

स्पष्ट है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और फर्जी अस्पतालों की मनमानी का खामियाजा अब सीधे मासूम जानें चुका रही हैं, और बभनी क्षेत्र में यह मौत का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है।

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