600-800 एकड़ लैंड बैंक, इको टूरिज्म व फूड प्रोसेसिंग की रखी मांग, रोडवेज स्टैंड का मुद्दा भी उठाया
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी से मिलकर व्यापारियों की समस्याओं और जिले के विकास से जुड़े सुझाव रखे।
संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि सोनभद्र बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से जुड़ा है। लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट की दृष्टि से यहां वेयरहाउसिंग व मल्टी स्टेट हब स्थापित किए जा सकते हैं। इसके लिए 600 से 800 एकड़ जमीन का लैंड बैंक तैयार किया जाए। यदि अधिग्रहण संभव न हो तो लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया जाए। इससे सोनभद्र चार राज्यों के व्यापारिक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित होकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।
उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं। मुक्का फाल, धनरौल बांध, विजयगढ़ किला, कंडाकोट पहाड़ी, फॉसिल्स पार्क जैसे स्थलों को इको फ्रेंडली कॉटेज, बर्ड वाचिंग, मेडिटेशन स्पॉट, नेचर ट्रेल के रूप में विकसित किया जा सकता है। स्थानीय आदिवासी युवकों को गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाए।
नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, बोटिंग, कैंपिंग के जरिए एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सकता है। जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल ने कहा कि गेहूं, दालें, चावल यहां के प्रमुख उत्पाद हैं। ऑर्गेनिक खेती, हर्बल प्रोडक्ट, कोल्ड स्टोरेज व फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर कृषि क्षेत्र का विकास संभव है।
जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल व प्रदीप जायसवाल ने कहा कि क्लस्टर मॉडल से फूड प्रोसेसिंग, ऑर्गेनिक खेती, हर्बल प्रोडक्ट मिलकर मजबूत इकोनॉमी मॉडल बना सकते हैं। सोनभद्र की धरती ऑर्गेनिक खेती के लिए उपयुक्त है।
टीपू अली एवं नागेंद्र मोदनवाल ने कहा कि करोड़ों की लागत से रोडवेज बस स्टैंड बनने के बावजूद फ्लाइओवर के नीचे से बसें संचालित हो रही हैं। यह मुद्दा एक वर्ष से उद्योग बंधु की बैठक में उठाया जा रहा है।
बैठक में कौशल शर्मा, प्रशांत जैन, शरद जायसवाल, राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल, सिद्धार्थ सांवरिया, प्रदीप जायसवाल, टीपू अली, कृष्णा सोनी, नागेंद्र मोदनवाल, यशपाल सिंह, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह, पंकज कनोडिया, अभिषेक साहू, अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।






