गुंडों की सरकार को जनता ने कूटकर भगाया, तभी भाजपा आई : प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल

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अमित मिश्रा

O- सोनभद्र से बड़ा राजनीतिक धमाका, विपक्ष पर तीखा हमला

उत्तरप्रदेश दिवस सोनभद्र

सोनभद्र। यूपी दिवस के अवसर पर सोनभद्र पहुंचे प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने मंच से ऐसे बयान दिए, जिन्होंने प्रदेश की राजनीति में भूकंप ला दिया है। विपक्ष पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए मंत्री जायसवाल ने कहा कि,

“यह सच है कि पहले गुंडों की सरकार थी। गुंडे या तो मंत्री थे या गुंडों के संरक्षण में सत्ता चल रही थी। जब जनता ने उन्हें कूटकर सत्ता से बाहर किया, तब भारतीय जनता पार्टी को मौका मिला।”

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव

उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक सीधा सत्ता बनाम जंगलराज की बहस के रूप में देख रहे हैं। बयान के तुरंत बाद प्रदेश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं।

संतों, माघ मेले और AI पर चौंकाने वाला बयान

माघ मेले में संत अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर पूछे गए सवाल पर रविन्द्र जायसवाल ने अप्रत्याशित टिप्पणी करते हुए कहा—

“जो कुछ दिखाया जा रहा है, वह सब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का खेल है।”

इस बयान ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल मचा दी है, जहां इसे आस्था बनाम तकनीक की बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द

‘गेरुआ पहनकर गुमराह करने वालों’ पर करारा प्रहार

रविन्द्र जायसवाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने रामायण काल का उदाहरण देते हुए बिना नाम लिए कई लोगों पर सीधा निशाना साधा-

“रामायण काल में भी गेरुआ वस्त्र पहनकर एक व्यक्ति ने हनुमान जी को भ्रमित करने की कोशिश की थी। आज भी कुछ लोग गेरुआ पहनकर समाज को गुमराह कर रहे हैं।”

इस बयान को संत समाज और राजनीतिक साधुओं पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।

राजभर बनाम राजभर पर तंज

अनिल राजभर और ओमप्रकाश राजभर के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव पर पूछे गए सवाल को मंत्री ने हल्के लेकिन तीखे अंदाज़ में टालते हुए कहा—

“दोनों एक-दूसरे को क्या कह रहे हैं, यह वही जानें।”

यह बयान साफ संकेत देता है कि भाजपा इस आंतरिक संघर्ष से खुद को अलग रख रही है।

सरकारी योजनाओं पर बड़ा दावा

सरकार की योजनाओं को लेकर रविन्द्र जायसवाल ने कहा-

“पहले के एक प्रधानमंत्री कहते थे कि 100 रुपये भेजते हैं तो 15 रुपये पहुंचते हैं। अब जमाना बदल गया है। सब कुछ ऑनलाइन है, पैसा सीधे जनता के खाते में जाता है।”

यह बयान सीधे तौर पर भ्रष्टाचार मुक्त शासन के भाजपा के दावे को मजबूत करता है।

सोनभद्र को बताया निवेश का हॉटस्पॉट

प्रभारी मंत्री ने सोनभद्र को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा-

“सोनभद्र ऐसा जिला है जहां हर कोई निवेश करना चाहता है।”

उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था का परिणाम बताया।

राष्ट्रीय राजनीति में गूंजेगा सोनभद्र का बयान

यूपी दिवस पर दिया गया रविन्द्र जायसवाल का यह बयान सिर्फ सोनभद्र या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है।
‘गुंडों की सरकार’, ‘AI का खेल’, ‘गेरुआ पहनकर गुमराह करने वाले’ जैसे शब्दों ने इसे राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक धमाका बना दिया है।

अब निगाहें विपक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं, क्या यह बयान नई सियासी जंग की शुरुआत है?

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