कनहर परियोजना का विस्थापन दर्द, बरखोहरा की शांति देवी बोलीं, डूब तो जाएंगे, पर घर छोड़कर नहीं जाएंगे

जितेंद्र अग्रहरी दुद्धी (सोनभद्र) । डूबता घर, बुझती उम्मीदें, आंखों में आंसू और दिल में सवाल, बरखोहरा गांव की बुजुर्ग शांति देवी की कहानी किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि उन सैकड़ों बेघर होते सपनों की चीख है, जो आज भी सरकारी फाइलों में गुम हैं। कहां जाएं साहब? हमारा घर डूब रहा है, पर … Read more