अमित मिश्रा
O- आधा जिला अंधेरे में डूबा
O- सड़क पर धराशायी हुए कई पेड़, घंटों जाम में फंसे राहगीर और बाराती
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । सोनभद्र में आए तेज धूलभरे तूफान और आंधी ने ऐसा कहर बरपाया कि जिलेभर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शाम होते-होते मौसम ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही मिनटों में गांव से लेकर शहर तक तबाही के दृश्य दिखाई देने लगे। कहीं स्टेट हाईवे पर विशाल लोहे का बोर्ड धराशायी हो गया, तो कहीं सड़क पर गिरे पेड़ों ने वाहनों की रफ्तार रोक दी। कई इलाकों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई, जिससे जिले की आधी आबादी अंधेरे की चपेट में आ गई।
राबर्ट्सगंज के सर्किट हाउस मोड़ पर जिला पंचायत का भारी-भरकम लोहे का बोर्ड तेज हवाओं के दबाव में सीधे स्टेट हाईवे पर गिर पड़ा। अचानक हुए इस हादसे से सड़क पर भगदड़ जैसे हालात बन गए और वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीर और वाहन चालक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
खलियारी-कलवारी स्टेट हाईवे पर भी तूफान का भयंकर असर देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण कई विशाल पेड़ सड़क पर गिर पड़े, जिससे दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। एंबुलेंस, बारातियों की गाड़ियां और छोटे-बड़े वाहन घंटों तक फंसे रहे। धूलभरी हवाओं ने हालात इतने खराब कर दिए कि कई वाहन चालकों को रास्ते में ही गाड़ियां रोकनी पड़ीं। बारात लेकर जा रहे लोगों के लिए यह रात किसी मुसीबत से कम नहीं रही।
तूफान की चपेट में पुलिस विभाग भी आ गया। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सुकुरूत चौकी परिसर में खड़ी पुलिस की गाड़ी पर विशाल पेड़ गिर पड़ा, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
आंधी और तूफान के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अंधेरा छा गया और लोग घंटों बिजली बहाली का इंतजार करते रहे। तेज हवाओं ने कई जगहों पर टिनशेड, होर्डिंग और अस्थायी ढांचों को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्टेट हाईवे अथॉरिटी की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ों और लोहे के बोर्ड को हटाने का काम शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया जा सका।
सोनभद्र में आए इस अचानक तूफान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मौसम का बदलता मिजाज अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है। लोग देर रात तक दहशत में रहे और हर तरफ सिर्फ तबाही की तस्वीरें दिखाई देती रहीं।






