Smart Meter Controversy: “स्मार्ट मीटर से जनता की जेब काट रही सरकार” : संदीप मिश्रा

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

O – नौजवान किसान संघर्ष मोर्चा का बड़ा हमला, यूपी में बिजली बिल घोटाले के आरोप

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विवाद अब राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनता जा रहा है। जनपद सोनभद्र में स्मार्ट मीटर के खिलाफ व्यापारी, किसान, मजदूर और आम उपभोक्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता संदीप मिश्रा ने सरकार और बिजली विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है,

“स्मार्ट मीटर लगाकर सरकार जनता की जेब काट रही है।”

स्मार्ट मीटर बना जनआक्रोश का कारण

जनपद में बड़ी संख्या में उपभोक्ता आरोप लगा रहे हैं कि,

  • स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अचानक भारी वृद्धि हो रही है
  • गरीब और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है
  • विभाग द्वारा जबर्दस्ती मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि सहमति जरूरी बताई गई है

यह स्थिति अब जनआक्रोश में बदलती नजर आ रही है।

संदीप मिश्रा का सीधा आरोप

संदीप मिश्रा ने कहा:

“जहाँ एक ओर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री कह रहे हैं कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की सहमति से लगाए जाएं, वहीं जमीन पर बिजली विभाग मनमानी कर रहा है। जनप्रतिनिधि मौन हैं और आम जनता इस उत्पीड़न का शिकार हो रही है।”

उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा,

“यदि जल्द इस पर रोक नहीं लगी तो किसान-नौजवान संघर्ष मोर्चा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।”

2-3 लाख के बिजली बिल से मचा हड़कंप

हाल ही में जनचौपाल के दौरान चतरा ब्लॉक के डुबटिया गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया,

  • जिन घरों में केवल 4-5 CFL बल्ब जलते हैं,
  • उन उपभोक्ताओं को 2 से 3 लाख रुपये तक के बिजली बिल भेज दिए गए

इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिजली विभाग पर उठते सवाल

  • क्या स्मार्ट मीटर की रीडिंग सही है?
  • क्या बिलिंग सिस्टम में तकनीकी खामी है?
  • क्या उपभोक्ताओं से ज्यादा वसूली की जा रही है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला बड़े स्तर की जांच का विषय है।

ग्रामीण और गरीब वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

स्मार्ट मीटर विवाद का सबसे बड़ा असर,

  • गरीब परिवार
  • छोटे किसान
  • मजदूर और ग्रामीण उपभोक्ता

पर पड़ रहा है, जिनके लिए इतने भारी बिल भरना असंभव है।

आंदोलन की चेतावनी

कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोगों में आकाश चौहान, शत्रुधन बिन्द, नगेन्द्र धागर, प्रमोद धागर, लाल बिहारी गोंड, सत्यम पाण्डेय, सत्यम तिवारी, विजय चौहान, दिनेश चेरो, अनिल उरांव, कृष्णानंद गोंड समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

राष्ट्रीय मुद्दा क्यों बन रहा है?

✔️ कई राज्यों में स्मार्ट मीटर पर विवाद
✔️ बिजली बिल में अनियमित बढ़ोतरी की शिकायतें
✔️ उपभोक्ता अधिकार बनाम डिजिटल सिस्टम
✔️ ऊर्जा नीतियों पर सवाल

यह मामला अब देशभर में बिजली सुधार नीतियों की समीक्षा की मांग कर रहा है।

निष्कर्ष

सोनभद्र में स्मार्ट मीटर को लेकर उठा विवाद केवल एक जिले की समस्या नहीं, बल्कि देशभर में लागू हो रही बिजली सुधार योजनाओं की सच्चाई को उजागर करता है।
यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा बड़े जनआंदोलन में बदल सकता है।

IMG 20260928 WA0019
IMG 20260928 WA0020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1549
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?