अमित मिश्रा
O- सोनभद्र समेत पूर्वांचल पर रहेगा विशेष फोकस
सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) । उत्तर प्रदेश में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को और मजबूत बनाने के लिए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्वयं मैदान में उतर रहे हैं। जल जीवन मिशन और उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित पाइप पेयजल योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वतंत्र देव सिंह जुलाई माह में प्रदेश के 10 जिलों का व्यापक दौरा करेंगे। इस दौरान वे गांवों में पहुंचकर योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जमीनी हकीकत भी जानेंगे।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव डॉ. अम्बरीश कुमार सिंह द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश में सभी संबंधित जिलाधिकारियों, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) एवं राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानिए कब और किन जिलों में जाएंगे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह
18 एवं 19 जुलाई, 2026
दो दिवसीय दौरे में मंत्री ललितपुर, झांसी, जालौन और कानपुर जिले की ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। यहां निर्माणाधीन परियोजनाओं, जलापूर्ति व्यवस्था, गुणवत्ता और जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
24 जुलाई, 2026
इसके बाद मथुरा जिले में जल शक्ति मंत्री ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, जलापूर्ति व्यवस्था और योजनाओं के संचालन की समीक्षा के साथ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक भी करेंगे।
29, 30 एवं 31 जुलाई, 2026
जुलाई के अंतिम तीन दिनों में मंत्री का सबसे महत्वपूर्ण दौरा पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र में होगा। इस दौरान वे सुल्तानपुर, जौनपुर, वाराणसी, सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में संचालित पाइप पेयजल योजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। विशेष रूप से सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिलों में पेयजल परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं की गहन समीक्षा की जाएगी।
कमियों पर होगी तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्ध प्रगति, जलापूर्ति की स्थिति तथा संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था का मूल्यांकन करेंगे। जहां भी अनियमितता या लापरवाही मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि जल जीवन मिशन के तहत हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो तथा परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
प्रदेश सरकार का यह निरीक्षण अभियान ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। खासकर सोनभद्र, मिर्जापुर और वाराणसी मंडल की बड़ी पेयजल परियोजनाओं पर इस दौरे की विशेष नजर रहेगी।






