श्रीराम कथा के चौथे दिन सीता स्वयंवर का हुआ वर्णन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सदर तहसील क्षेत्र के जलखोरी हनुमान मंदिर पर चल रहे मानस यज्ञ एवं श्रीराम कथा के चौथे दिन विधिवत पूजन एवं विद्वान पंडितों द्वारा सम्पन्न कराया गया तथा सायं काल श्रीराम कथा में मानस माधुरी सुनीता पाण्डेय द्वारा धनुष यज्ञ एवं राम विवाह की कथा का वर्णन किया गया।

उन्होंने कहा कि मिथिला नगरी में भगवान राम को देखकर माता सीता के मन में एवं माता सीता को देखकर भगवान राम के मन में अनुराग उत्पन्न होता है और माता सीता द्वारा माता गौरी से पूजन करके राम को वर के रूप में प्राप्त करने हेतु याचना की जाती है। माता गौरी से अपने मनोकामना को पूर्ण होने का वरदान प्राप्त करती है उधर स्वयंवर में जब विभिन्न देशों के अनेकों राजा धनुष को भंग कर नहीं पाते तो विदेह राज जनक उदास हो जाते हैं और उनके मन में अपार पीड़ा होती है तथा वह स्वयंवर में कहते हैं कि यह पृथ्वी वीरों से खाली है। यह बात जीवाचार्य लक्ष्मण जी को अच्छी नहीं लगती तब भगवान श्री राम अपने गुरु विश्वामित्र का आदेश प्राप्त कर धनुष का भंजन करते हैं और माता सीता उनको वरमाला डाल देती हैं। अयोध्या में राजा दशरथ के यहां यह शुभ समाचार भिजवाया जाता है और महाराज दशरथ बारात लेकर के जनकपुर आते हैं और जनकपुर में राम सहित चारों भाइयों का विवाह संपन्न होता है ।

इस अवसर पर कृष्ण कुमार .द्विवेदी, जितेंद्र सिंह,राजेश पटेल, रामप्रसाद, सुभाष पाठक, वीरेंद्र पटेल, महेंद्र पटेल, रामकुमार पटेल, राजकुमार सिंह, गोविंद पटेल समेत सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

IMG 20260928 WA0019
IMG 20260928 WA0020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1544
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?