‘इश्किया वर्दी’का सनसनीखेज मामला, महिला को दिल दे बैठा जांच करने आया दरोगा

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कामरान 

आरोपी दरोगा महिला के पति को दी डकैती में फंसाने की देता है धमकी

पीड़ित पति ने परिजनों के साथ मिल पुलिस अधीक्षक से लगायी न्याय की गुहार

बाराबंकी(उत्तर प्रदेश)।  यूपी पुलिस की वर्दी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि कानून और नैतिकता दोनों पर गहरे सवाल खड़े करता है। यहां एक दरोगा शिकायत की जांच करने पीड़िता के घर पहुंचा और धीरे-धीरे मामला जांच से इश्क़ तक जा पहुंचा।

रामनगर थाना क्षेत्र के कुम्हरवा गांव निवासी अरुण कुमार ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को दिए शिकायती पत्र में बताया कि करीब एक साल पहले उसकी पत्नी का पारिवारिक विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाने में दी गई थी। इसी मामले की जांच के लिए एसआई अखिलेश यादव उनके घर आए और यहीं से कहानी ने नया मोड़ ले लिया।

आरोप है कि दरोगा ने पहले भरोसे में लेकर पति से अपनी गाड़ी चलवानी शुरू कराई और पत्नी को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद युवक की गैरमौजूदगी में पत्नी से चोरी-छिपे फोन पर बातचीत और मुलाकात का सिलसिला शुरू हो गया।

भेद तब खुला जब करीब पांच महीने पहले युवक की पत्नी अपनी ननद के साथ रामनगर गई थी, तभी दरोगा कार से पहुंचा और ननद के विरोध के बावजूद पत्नी को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गया। बाद में करीब आधे पौन घंटे बाद पत्नी को तहसील के पास लाकर छोड़ दिया।

युवक के परिजनों का यह भी आरोप है कि करीब एक महीने पहले जब महिला घर में अकेली थी, तब भी दरोगा घर पहुंच गया। आरोप है कि घर में मौजूद ननद को बहाने से बाहर भेजा गया और लौटने पर उसने दरोगा व महिला को आपत्तिजनक स्थिति में पाया।

पीड़ित का कहना है कि जब परिवार ने दरोगा के घर आने-जाने पर रोक लगाई, तो दरोगा आगबबूला हो गया। 28 जनवरी 2026 को दरोगा दो बार घर पहुंचा और पत्नी से मिलने की जिद पर अड़ गया। विरोध करने पर मां-बहनों को गालियां दी और पूरे परिवार को डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी तक दे डाली।

इस घटना के बाद पूरा परिवार दहशत में है। पीड़ित ने एसपी बाराबंकी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक न्याय की गुहार लगाई है।

हालांकि आरोपी दरोगा अखिलेश यादव सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है उसका कहना है कि 27 जनवरी 2026 को महिला ने थाने में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था, इसी की जांच के लिए उसके पति को थाने बुलाया गया था।

लेकिन पीड़ित द्वारा निकलवाई गई अपनी पत्नी के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड में 27 जनवरी की कथित घटना से पहले भी दरोगा और महिला के बीच बातचीत होने की पुष्टि हो रही है। इसके अलावा महिला के पति और दरोगा के बीच बातचीत के कई ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे हैं।

इस मामले पर सीओ रामनगर गरिमा पंत ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में है। शिकायतकर्ता उसकी पत्नी और आरोपी दरोगा को बयान के लिए बुलाया गया है उनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब सवाल यह है कि— क्या वर्दी की ‘मोहब्बत’ कानून पर भारी पड़ेगी? या फिर पीड़ित पति को मिलेगा इंसाफ?
इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।

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