अमित मिश्रा
सोनभद्र । डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एक बार फिर साइबर अपराधियों ने अपनी नई चाल से सेवानिवृत्त कर्मचारी को निशाना बना लिया। जिलाधिकारी कार्यालय से सेवानिवृत्त राकेश कुमार श्रीवास्तव के खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने एक लाख अठानवे हजार रुपये पार कर लिए।
पीड़ित राकेश कुमार श्रीवास्तव, निवासी विकास नगर कॉलोनी, ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर कॉल कर खुद को एसबीआई बैंक का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने योनो एप्लिकेशन सक्रिय कराने का झांसा दिया। ठग ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजते हुए कहा कि बैंक सर्वर डाउन है, इसलिए उसे मैनुअल तरीके से अपडेट करना होगा।
विश्वास में आए राकेश श्रीवास्तव ने जैसे ही ठग के बताए निर्देशों का पालन किया, वैसे ही कुछ ही मिनटों में पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनके खाते से कुल ₹1,98,000 रुपये की निकासी हो गई।
घटना का अहसास होते ही पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और खाते को फ्रीज करवाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने राबर्ट्सगंज कोतवाली में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराते हुए पुलिस प्रशासन से ठगे गए रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
साइबर ठगी की इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग इस घटना के बाद बैंकिंग ऐप्स के प्रति सतर्कता बरतने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
पुलिस की अपील: किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। बैंक कभी भी व्हाट्सएप या लिंक के जरिए व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी नहीं मांगता।







